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अमेरिका ने भारत पर 12.5% अतिरिक्त शुल्क का दिया प्रस्ताव, व्यापार समझौते पर बढ़ा दबाव

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यह शुल्क तुरंत प्रभावी नहीं होगा क्योंकि अमेरिका ने 6 जुलाई तक जनता से इस प्रस्तावित शुल्क कार्रवाई पर राय मांगी है

Last Updated- June 03, 2026 | 10:51 PM IST
India-US Trade Deal

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) कार्यालय ने भारत और चीन, वियतनाम एवं ब्रिटेन सहित 53 अन्य देशों पर 12.5 फीसदी अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। अतिरिक्त शुल्क का यह प्रस्ताव एक जांच के निष्कर्ष के बाद आया है, जिसमें कहा गया है कि इन देशों ने तीसरे देशों में बंधुआ श्रमिकों द्वारा बनाए गए सामान के आयात को रोकने के लिए कदम नहीं उठाए। हालांकि यह शुल्क तुरंत प्रभावी नहीं होगा क्योंकि अमेरिका ने 6 जुलाई तक जनता से इस प्रस्तावित शुल्क कार्रवाई पर राय मांगी है। यूएसटीआर 7 जुलाई को इस मामले पर सुनवाई करेगा।

यूएसटीआर ने अपनी जांच रिपोर्ट में कहा है, ‘इस जांच के परिणाम भारत की उन नीतियों और प्रथाओं को दर्शाते हैं जो जबरन श्रम या बंधुआ मजदूरी से बने आयात पर प्रतिबंध लगाने में विफलता से संबंधित हैं। ये अनुचित हैं और अमेरिकी व्यापार को बाधित या प्रतिबंधित करती हैं।’ बिज़नेस स्टैंडर्ड में सोमवार को प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका भारत को यह भरोसा दे सकता है कि अगर दोनों पक्ष 24 जुलाई से पहले अंतरिम व्यापार समझौता कर लेते हैं तो वह धारा 301 के तहत कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लगाएगा। उल्लेखनीय है कि 24 जुलाई को ही मौजूदा 10 फीसदी का मूल शुल्क खत्म होने वाला है।

अतिरिक्त शुल्क का यह प्रस्ताव यूएसटीआर द्वारा 1974 के व्यापार कानून के सेक्शन 301 के तहत 60 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ की गई जांच के बाद आया है। इन अर्थव्यवस्थाओं से होने वाला आयात अमेरिका के कुल आयात का 99.4 फीसदी है। यह सेक्शन अमेरिका को उन व्यापारिक तरीकों की जांच करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार देता है, जिनसे अमेरिका के व्यापार को नुकसान पहुंच सकता है।

इसके साथ ही यूएसटीआर ने पाकिस्तान, इंडोनेशिया, मेक्सिको, कनाडा, इक्वाडोर और यूरोपीय संघ सहित छह अन्य अर्थव्यवस्थाओं पर 10 फीसदी की कम दर से अतिरिक्त शुल्क लगाने का प्रस्ताव दिया है। यूएसटीआर ने इन देशों को इस बात का श्रेय दिया है कि उन्होंने तीसरे देशों से बंधुआ मजदूरी से बने सामान के आयात को रोकने के लिए आंशिक व्यवस्था लागू की है।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनि​धि ने कुछ चुनिंदा अर्थव्यवस्थाओं से निश्चित मात्रा में कपड़ा और परिधान उत्पादों के आयात के लिए कम शुल्क दरों वाली विशेष व्यवस्था का प्रस्ताव भी किया है। इसका विवरण अभी जारी नहीं किया गया है।

भारत पर शुल्क का यह प्रस्ताव ऐसे समय में आया है, जब दोनों पक्षों के अधिकारी नई दिल्ली में अंतरिम व्यापार समझौते से जुड़े लंबित मुद्दों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

यूएसटीआर के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए वाणिज्य विभाग ने एक बयान में कहा कि भारत, सेक्शन 301 की कार्यवाही के तहत इस मामले पर अमेरिका के साथ बातचीत कर रहा है।

वाणिज्य विभाग ने कहा, ‘रिपोर्ट के अनुसार प्रस्तावित शुल्क अभी अंतिम नहीं है और हितधारक 22 जून तक सार्वजनिक सुनवाई में भाग लेने के लिए अनुरोध जमा कर सकते हैं। यूएसटीआर प्रस्तावित उपायों पर अंतिम निर्णय लेने से पहले प्राप्त टिप्पणियों और गवाहियों पर विचार करेगा।’

भारत और अमेरिका ने फरवरी में अंतरिम व्यापार समझौते पर सहमति जताई थी जिसमें भारतीय सामान पर 18 फीसदी का जवाबी शुल्क लगाने का प्रस्ताव था। हालांकि इसके तुरंत बाद अमेरिका की शीर्ष अदालत ने अंतरराष्ट्रीय आपात आ​र्थिक श​क्ति कानून के तहत राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए जवाबी शुल्क को रद्द कर दिया।अमेरिकी अदालत के फैसले के बाद ट्रंप ने 1974 के व्यापार कानून की धारा 122 के तहत 24 जुलाई तक सभी व्यापारिक साझेदारों पर 10 फीसदी का एक समान शुल्क लगा दिया है। 12.5 फीसदी प्रस्तावित शुल्क पर अंतिम निर्णय बुनियादी शुल्क की समय सीमा खत्म होने से पहले 24 जुलाई तक हो सकता है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (जीटीआरआई) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव ने कहा कि प्रस्तावित 12.5 फीसदी शुल्क अमेरिका द्वारा धारा 301 की जांच और शुल्क के जरिये भारत पर दबाव बढ़ाने के व्यापक प्रयासों का ही एक हिस्सा है।

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First Published - June 3, 2026 | 10:51 PM IST

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