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CBSE Result Controversy: 44 हजार छात्रों ने खटखटाया बोर्ड का दरवाजा, आखिर क्यों बढ़ रही पुनर्मूल्यांकन की मांग?

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CBSE में पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन के लिए 44 हजार के करीब आवेदन पहुंचे, पोर्टल की तकनीकी समस्याओं पर भी छात्रों ने जताई नाराजगी।

Last Updated- June 04, 2026 | 8:20 AM IST
CBSE
Representative image

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) की परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदनों की संख्या लगातार बढ़ रही है। बोर्ड के ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बुधवार को लगभग 44,000 आवेदन प्राप्त हुए हैं। छात्रों की उत्तर-पुस्तिकाओं में विसंगतियों और हालिया तकनीकी खामियों को लेकर चिंताएं देश भर में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।

सीबीएसई द्वारा एक्स पर साझा किए गए ताजा आंकड़ों के अनुसार बुधवार दोपहर 12 बजे तक पोर्टल पर सत्यापन के लिए 4,924 और पुनर्मूल्यांकन के लिए 39,056 आवेदन आए, इससे कुल आवेदनों की संख्या 43,980 हो गई। इससे पता चलता है कि मंगलवार रात से आवेदनों में तेज वृद्धि हुई है। एक दिन पहले सीबीएसई ने कहा था कि मंगलवार रात 10 बजे तक पोर्टल पर 28,000 से अधिक आवेदन दर्ज कराए गए हैं।

अधिकारियों के अनुसार, ये आवेदन उन 400,000 से अधिक छात्रों द्वारा दायर किए गए हैं, जिन्होंने अपनी जांची गई उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैन प्रतियां देखी हैं, जो पिछले साल के लगभग 200,000 की तुलना में दोगुनी हैं। हालांकि, बुधवार को सोशल मीडिया पर पहुंच संबंधी शिकायतें बनी रहीं, जिसमें कई छात्रों ने दावा किया कि सही विवरण दर्ज करने के बावजूद वे परिणाम-पश्चात पोर्टल में लॉग इन नहीं कर पा रहे हैं। कई उपयोगकर्ताओं ने एक्स पर सीबीएसई को टैग किया, आधार प्रमाणीकरण के दौरान बार-बार ‘सत्यापन विफल’ संदेशों की रिपोर्ट की और बोर्ड से आवेदन की समय सीमा समाप्त होने से पहले इस मुद्दे को हल करने का आग्रह किया।

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First Published - June 4, 2026 | 8:20 AM IST

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