सरकार ने दावा किया है कि देश में पेट्रोल, डीजल और कुकिंग गैस की कोई कमी नहीं है। रोजाना अपडेट में बताया गया है कि पश्चिम एशिया के संकट के बावजूद सप्लाई पूरी तरह स्थिर है। शनिवार को LPG सिलेंडर की बुकिंग में गिरावट आई है, जो ये दिखाता है कि लोगों की घबराहट वाली खरीदारी अब कम हो रही है। शनिवार को सिर्फ 77 लाख बुकिंग्स हुईं, जबकि 13 मार्च को ये संख्या 88.8 लाख थी। सरकार का कहना है कि तेल कंपनियां डिजिटल बुकिंग को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे ऑनलाइन बुकिंग्स का हिस्सा 84 प्रतिशत से बढ़कर 87 प्रतिशत हो गया है।
तेल कंपनियां लोगों से अपील कर रही हैं कि घबराकर सिलेंडर बुक करने या गैस एजेंसियों के बाहर लाइन लगाने की जरूरत नहीं है। इसके लिए वे कैंपेन भी चला रही हैं। कंपनियों का कहना है कि देश में LPG का स्टॉक पर्याप्त है। सभी रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और कच्चे तेल का भी अच्छा भंडार मौजूद है।
सरकार के मुताबिक पेट्रोल और डीजल की भी देश में पर्याप्त उपलब्धता है, इसलिए फिलहाल इनकी अतिरिक्त आयात की जरूरत नहीं है। पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों पर कहीं भी सप्लाई की कमी नहीं है। ट्रक और टैंकरों के जरिए नियमित रूप से ईंधन की सप्लाई की जा रही है।
सरकार ने कहा कि अभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दी जा रही है। साथ ही अस्पतालों और स्कूलों जैसी जरूरी जगहों पर गैस की कमी नहीं होने दी जाएगी। बिहार, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान जैसे कई राज्यों ने नॉन-डोमेस्टिक LPG के आवंटन के लिए आदेश भी जारी किए हैं और वे सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक काम कर रहे हैं।
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देशभर में राज्य सरकारें होर्डिंग और ब्लैक मार्केटिंग को रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही हैं। आंध्र प्रदेश और बिहार जैसे राज्यों में रेड्स चल रही हैं, जहां गैस सिलेंडरों की जमाखोरी की जांच हो रही है। PSU तेल कंपनियों के अधिकारी भी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स पर सरप्राइज चेक कर रहे हैं। इससे सप्लाई में कोई गड़बड़ी न हो, ये सुनिश्चित किया जा रहा है।
सरकार ने लोगों से कहा है कि घबराकर पेट्रोल या डीजल खरीदने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पूरे देश में इनका पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। जरूरी सेक्टरों को नेचुरल गैस की पूरी सप्लाई दी जा रही है। पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) और CNG के लिए 100 प्रतिशत सप्लाई जारी है, जबकि इंडस्ट्री और कमर्शियल यूजर्स को करीब 80 प्रतिशत गैस मिल रही है। कमर्शियल LPG सिलेंडर राज्य सरकारों को दिए गए हैं, ताकि उन्हें जरूरत वाली जगहों पर पहले पहुंचाया जा सके। अब ये 30 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में उपलब्ध हैं।
सरकार ने LPG कंट्रोल ऑर्डर में भी बदलाव किया है। इसके तहत जिन लोगों के घर में PNG कनेक्शन है, उन्हें अपना घरेलू LPG कनेक्शन सरेंडर करना होगा। रिफाइनरियों में घरेलू गैस का उत्पादन बढ़ा दिया गया है और सिलेंडर बुकिंग के बीच का समय भी इस तरह तय किया जा रहा है कि सभी को बराबरी से गैस मिल सके। तेल कंपनियां लोगों को ऑनलाइन बुकिंग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं, पैनिक में बुकिंग से बचने की सलाह दे रही हैं और सप्लाई बनाए रखने के लिए रविवार को भी गैस एजेंसियां खुली रख रही हैं।
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लोगों को सलाह दी जा रही है कि जहां संभव हो, वहां PNG जैसे वैकल्पिक फ्यूल का इस्तेमाल करें। सरकार का कहना है कि घरों और जरूरी सेक्टरों के लिए गैस की सप्लाई लगातार बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है। लोगों से अपील की गई है कि घबराकर सिलेंडर बुक न करें, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें और बिना जरूरत गैस एजेंसियों पर जाने से बचें।
विदेश मंत्रालय भी पश्चिम एशिया की स्थिति पर नजर रखे हुए है। वहां मौजूद भारतीयों की मदद के लिए भारतीय मिशन 24 घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं। 28 फरवरी से अब तक करीब 1.94 लाख यात्री उस क्षेत्र से भारत लौट चुके हैं।
सरकार का कहना है कि सप्लाई और डिमांड दोनों स्तरों पर कई कदम उठाए गए हैं। अलग-अलग मंत्रालय और एजेंसियां आपस में तालमेल बनाकर काम कर रही हैं, ताकि हर सेक्टर में पूरी तैयारी रहे और देश के हित सुरक्षित रहें।
(PTI के इनपुट के साथ)