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खास तरह के दान पर आयकर कटौती का उठाएं लाभ

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Last Updated- December 12, 2022 | 2:23 AM IST

लोगों ने कोविड-19 महामारी के दौरान अनाथ हुए बच्चों एवं जरूरतमंद लोगों के हित के लिए काम करने वाले संगठनों जैसे पीएम केयर्स फंड एवं गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) को दान देने में दरियादिली दिखाई है। कई लोगों ने दान देने का अनूठा तरीका अपनाया और अपने क्रेडिट कार्ड खाते में जमा रिवार्ड पॉइंट्स का इस्तेमाल जरूरमतंद लोगों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में किया। आयकर रिटर्न (आईटीआर) जमा करते वक्त आप आयकर अधिनियम के दो प्रावधानों के तहत दान की गई रकम पर कर कटौती का लाभ उठा सकते हैं।
धारा 80 जी
टैक्स कनेक्ट एडवाइजरी सर्विसेज में पार्टनर विवेक जालान कहते हैं, ‘करदाता, कंपनी या प्रवासी भारतीय सहित कोई भी व्यक्ति धारा 80जी के तहत दान की गई रकम पर कर कटौती का दावा कर सकता है।’ दान की प्रकृति के आधार पर दान की गई रकम पर 100 प्रतिशत (पीएम केयर्स फंड में दी रकम) या 50 प्रतिशत (धारा 80 जी में पंजीकृत परोपकारी संस्था) तक कर कटौती का दावा किया जा सकता है। कुछ मामलों में दान की रकम पर करदाता की समायोजित सकल आय के 10 प्रतिशत तक ही कर छूट का दावा किया जा सकता है।
एन ए शाह एसोसिएट्स में पार्टनर गोपाल वोहरा कहते हैं, ‘करदाता जिस संस्थान को दान देना चाहता है, उसे चुनते समय यह बात जरूर ध्यान रखे कि कुछ खास तरह का दान उसकी समायोजित सकल कुल आय के 10 प्रतिशत से अधिक नहीं हो सकता। अगर इससे अधिक रकम दान करनी है तो ऐसी संस्था चुनें, जहां ऐसी पाबंदी नहीं है। पीएम केयर्स फंड में यह शर्त नहीं है।’
संक्षेप में कहें तो कुछ खास फंडों को दान की गई रकम बिना किसी शर्त के 100 प्रतिशत या 50 प्रतिशत कर कटौती के लिए पात्र होती हैं। हालांकि दूसरे परोपकारी संस्थानों को दान की गई रकम पर 100 प्रतिशत या 50 प्रतिशत या समायोजित कुल आय के 10 प्रतिशत में से जो भी कम हो, उतने पर ही कर कटौती का लाभ मिल पाता है। लैपटॉप, भोजन पैकेट, परिधान आदि या 2,000 रुपये से अधिक के नकद दान कटौती के लिए पात्र नहीं हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि क्रेडिट कार्ड के रिवाड्र्स पाइंट्स भी कर कटौती के लिए पात्र नहीं हैं।
धारा 80जीजीए
जिस करदाता को ‘कारोबार या पेशे से लाभ एवं प्राप्ति’ के तहत आय नहीं होती है, वह कुछ खास संगठनों को दान देकर धारा 80 जीजीए के तहत कर कटौती का लाभ ले सकता है। वैज्ञानिक शोध या ग्रामीण विकास के लिए अंशदान इसी श्रेणी में आता है। होस्टबुक्स के संस्थापक एवं चेयरमैन कपिल राणा कहते हैं, ‘दान चेक, बैंक ड्राफ्ट या डिजिटल माध्यम या नकद दिया जा सकता है। लेकिन नकद दान 10,000 रुपये से अधिक नहीं होना चाहिए अन्यथा इस पर धारा 80जीजीए के तहत कर कटौती का लाभ नहीं मिलेगा।’ अगर कर कटौती की पात्रता बनती है तो दान की गई पूरी रकम पर कर कटौती का दावा किया जा सकता है। राणा कहते हैं, ‘अगर इस धारा के तहत कर छूट का दावा किया जा चुका है तब इस धारा के तहत जिक्र किए गए किसी भुगतान पर आईटी अधिनियम के किसी दूसरे प्रावधान के तहत कटौती की अनुमति नहीं होगी।’
इन बातों का रखें ध्यान
इन दोनों धाराओं के तहत दान देने के लिए दाताओं को उपयुक्त माध्यम का इस्तेमाल करना चाहिए। टैक्समैन में उप-महा प्रबंधक नवीन वाधवा कहते हैं, ‘नकद या चेक से भुगतान करने पर ही 80जी के तहत कर कटौती का दावा किया जा सकता है। धारा 80जीजीए के तहत किसी भी माध्यम-नकद, चेक या किसी दूसरे माध्यम से दान देने पर कटौती का लाभ उठाया जा सकता है।’ दाताओं को धारा 80जी के तहत कर कटौती की जानकारी उपयुक्त स्तंभ- 100 प्रतिशत या 50 प्रतिशत कटौती और सीमा या बिना सीमा के साथ- में दर्शानी चाहिए। वोहरा कहते हैं, ‘अगर कोई व्यक्ति ‘कारोबार या पेशे से लाभ एवं प्राप्ति’ के तहत आय अर्जित करता है तो उसे धारा 35ए के तहत कटौती का दावा करना चाहिए न कि 80जीजीए के तहत।’ अंत में सभी जानकारियां सावधानी से भरें। किसी तरह की त्रुटि होने पर आयकर विभाग कटौती का लाभ देने से इनकार कर सकता है।
दान का प्रमाण देने में सावधानी
धारा 80जी के तहत दान पर कर कटौती के लिए करदाता के पास होनी चाहिए मुहर लगी रसीद
रसीद में दाता एवं दान लेने वाले संस्थान के नाम, पते, पैन और रकम का जिक्र अवश्य होना चाहिए
80जी के तहत रसीद पर न्यास का पंजीकरण क्रमांक भी होना चाहिए, पंजीयन की वैधता की कर लें जांच
वर्ष 2021-22 से दान लेने वाले संस्थानों को प्राप्त दान के लिए रिटर्न दाखिल करना जरूरी, यह जानकारी दाता के फॉर्म 26एएस में दिखेगी
अगर दान किसी शोध संस्थान को किया गया है और यह रकम 80जीजीए के तहत कर कटौती के लिए पात्र है तो दाता फॉर्म 58ए की प्रति अवश्य लें
स्रोत: एन ए शाह एसोसिएट्स

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First Published - July 26, 2021 | 12:32 AM IST

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