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Life Insurance Policy : प्रीमियम 5 लाख रुपए से अधिक है तो जान लीजिए नए नियम

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जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता पर प्राप्त राशि के संबंध में आय की गणना के लिए नियम 11यूएसीए निर्धारित किया गया है।

Last Updated- August 17, 2023 | 11:49 AM IST
Life Insurance Policy

आयकर विभाग (IT Department) ने पांच लाख रुपये से अधिक के वार्षिक प्रीमियम होने की स्थिति में जीवन बीमा पॉलिसी (Life Insurance Policy) से प्राप्त आय की गणना के लिये नियम तय किए हैं।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने आयकर अधिनियम (सोलहवां संशोधन), 2023 को अधिसूचित किया है। इसमें जीवन बीमा पॉलिसी की परिपक्वता पर प्राप्त राशि के संबंध में आय की गणना के लिए नियम 11यूएसीए निर्धारित किया गया है। यह प्रावधान उन बीमा पॉलिसी के लिए है जिसमें प्रीमियम राशि पांच लाख रुपये से अधिक है और ऐसी पॉलिसी​​ एक अप्रैल, 2023 या उसके बाद जारी की गई हैं।

संशोधन के अनुसार, एक अप्रैल, 2023 को या उसके बाद जारी की गई पॉलिसी के लिए, धारा 10(10डी) के तहत परिपक्वता लाभ पर कर छूट केवल तभी लागू होगी, जब किसी व्यक्ति की तरफ से भुगतान किया गया कुल प्रीमियम सालाना पांच लाख रुपये तक हो।

यह भी पढ़ें : नॉन-पार्टिसिपेटिंग उत्पादों से ज्यादा प्रीमियम जुटाने पर जोर: LIC चेयरमैन सिद्धार्थ मोहंती

इस सीमा से अधिक प्रीमियम के लिए प्राप्त राशि को आय में जोड़ा जाएगा और लागू दर के हिसाब से कर लगाया जाएगा। यूलिप (यूनिट लिंक्ड इंश्योरेंस प्लान) को छोड़कर Life Insurance Policy के संबंध में कर प्रावधान में बदलाव की घोषणा वित्त वर्ष 2023-24 के बजट में की गई थी।

एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के संयुक्त भागीदार (कॉरपोरेट और अंतर्राष्ट्रीय कर) ओम राजपुरोहित ने कहा कि फॉर्मूले के अनुसार, परिपक्वता पर प्राप्त कोई भी अधिशेष राशि पर ‘अन्य स्रोतों से आय’ की श्रेणी के अंतर्गत कर लगेगा।

बीमाधारक की मृत्यु पर प्राप्त राशि के लिये कराधान प्रावधान को नहीं बदला गया है और वह पहले की तरह आयकर से मुक्त होगा।

यह भी पढ़ें : Max Life Insurance में 1,612 करोड़ रुपये झोंकेगा Axis Bank, बढ़ेगी हिस्सेदारी

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First Published - August 17, 2023 | 9:00 AM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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