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वॉल्यूम कम रहने के चलते CBDC की पायलट टेस्टिंग अवधि बढ़ाने पर विचार कर रहा RBI

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Last Updated- April 19, 2023 | 8:19 PM IST
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भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (central bank digital currency- CBDC) के खुदरा और थोक क्षेत्रों में पायलट परीक्षण को एक साल और बढ़ा सकता है। इसमें परीक्षण में शामिल बैंकों के सूत्रों ने बताया कि CBDC में लेन-देने बढ़ाए जाने की जरूरत है। तभी इसे पूरी तरह शुरू होने पर नियमित किया जा सकता है।

थोक सेगमेंट के लिए CBDC का पायलट परीक्षण 1 नवंबर, 2022 को शुरू हुआ था जबकि इसकी शुरुआत खुदरा सेगमेंट के लिए 1 दिसंबर, 2022 को हुई थी।

थोक सेगमेंट में पायलट परीक्षण के लिए नौ बैंकों को चिह्नित किया गया था। आठ बैंकों ने रिटेल पायलट परीक्षण शुरू किया था और इसमें चार अन्य बैंक बाद में शामिल हुए थे। RBI ने CBDC खुदरा पायलट (retail pilot) में शामिल चार बैंकों के मांग पत्रों के आधार पर 1.71 करोड़ रुपये जारी किए थे।

खुदरा क्षेत्र में CBDC से लेन-देन नहीं बढ़ने के एक कारण यूजर्स का डिजिटल मुद्रा (Digital currency) स्वीकार करने वाले दुकानदारों के बारे में जानकारी नहीं होना है। खुदरा पायलट योजना (retail pilot scheme) में करीब 10,000 से 12,000 दुकानदार शामिल हैं और इसमें करीब एक लाख ग्राहक हैं।

इसके समक्ष सबसे बड़ी चुनौती यह है कि ज्यादातर ग्राहक यूनाइटिड पेमेंट इंटरफेस (UPI) का आसानी से इस्तेमाल कर रहे हैं और वे किसी और डिजिटल पेमेंट इंटरफेस का इस्तेमाल ही नहीं करना चाहते हैं।

Also read: डिजिटल भुगतान में UPI का दबदबा कायम, QR Code से मिल रहा दम : वर्ल्डलाइन इंडिया रिपोर्ट

एक अन्य मुद्दा QR code है। सूत्रों के मुताबिक, ‘CBDC के लिए एक अलग QR code की जरूरत है। कई कारोबारियों के पास एक या दो QR code हैं और वे एक अन्य QR code का इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं। यदि UPI और CBDC के लिए एक ही QR code का इस्तेमाल किया जाता है तो UPI के प्रभाव पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।’

लिहाजा RBI एक ही QR code से CBDC और UPI को भुगतान करने का रास्ता तलाश रहा है। सूत्र के मुताबिक, ‘वे प्रयास कर सकते हैं यदि तकनीक उन्हें इजाजत दे।’

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First Published - April 19, 2023 | 7:22 PM IST

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