भारत के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) डिजिटल प्लेटफार्मों के साथ अपने शाखा नेटवर्क को एकीकृत करते हुए फिजिक्ल बैंकिंग पर ध्यान केंद्रित करना जारी रखेगा। एसबीआई के चेयरमैन सीएस शेट्टी ने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में तेजी से डिजिटलीकरण को अपनाने के साथ बैंक के संबंध-आधारित दृष्टिकोण को बढ़ाया जाएगा। इससे ग्राहकों को व्यापक रूप से बेहतर अनुभव हासिल होगा।
शेट्टी ने शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कहा कि देनदारी संबंधी नीतियां और ग्राहकों के साथ जुड़ाव को मजबूत करना महत्त्वपूर्ण रणनीतिक फोकस क्षेत्र बना रहेगा। मानव संसाधन बैंक के परिवर्तन की यात्रा में प्रमुख भूमिका निभाते रहेंगे। बैंक लक्षित क्षमता विकास व भविष्य के लिए तैयार लर्निंग ढांचे के माध्यम से अपने कार्यबल को मजबूत करना जारी रखेगा।
शेट्टी ने बैंक की वित्त वर्ष 2026 की वार्षिक रिपोर्ट में कहा, ‘फिजिक्ल बैंकिंग हमारे संबंध-आधारित मॉडल का महत्वपूर्ण स्तंभ बनी रहेगी। हमारा प्रयास हमारे शाखा नेटवर्क की ताकत को डिजिटल प्लेटफार्मों की गति और सुविधा के साथ एकीकृत करना होगा। इससे हमारे ग्राहकों के लिए वास्तव में ओमनी-चैनल बैंकिंग अनुभव तैयार हो सकेगा।’ एसबीआई के देश भर में 23,265 आउटलेट के साथ सबसे बड़ा शाखा नेटवर्क है। शेट्टी ने जमा राशि जुटाने पर शाखा-आधारित तरीके पर जोर दिया है, जब बैंकिंग क्षेत्र को बचतकर्ताओं के लिए वैकल्पिक निवेश विकल्पों, विशेष रूप से म्यूचुअल फंड के उद्भव के साथ संसाधन जुटाने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
शेट्टी ने कहा, ‘हमारी देनदारी फ्रैंचाइज़ी को मजबूत करने और कासा जुटाने में सुधार पर केंद्रित ध्यान लाने के लिए, बैंक ने एक सरल फिर भी शक्तिशाली अनुशासन को संस्थागत बनाया है – एबीसीडी – सभी शाखाओं का जमा राशि में योगदान।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर शाखा, आकार या भूगोल की परवाह किए बिना, जमा आधार का विस्तार करने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभानी चाहिए।