एचडीएफसी बैंक द्वारा महाराष्ट्र सरकार की एक एजेंसी को अनुचित भुगतान किए जाने से जुड़ी मीडिया रिपोर्टों के बाद बुधवार को बैंक के शेयर में 2.6 प्रतिशत की गिरावट आई है। एचडीएफसी बैंक ने इस आरोप का खंडन करते हुए कहा कि सभी मुद्दों को स्थापित मानदंडों के अनुसार निपटाया जाता है।
दिन के अंत में बैंक का शेयर 758.50 पर बंद हुआ, जो पिछले बंद से 2.63 प्रतिशत नीचे था। वहीं बाजार में व्यापक रूप से 0.2 प्रतिशत गिरावट आई। द इंडियन एक्सप्रेस अखबार की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि बैंक द्वारा की गई एक आंतरिक जांच में पाया गया कि वित्त वर्ष 2024 और 2025 में राज्य के स्वामित्व वाले महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (एमएसआरडीसी) को ‘डिफरेंशियल इंटरेस्ट’ के रूप में वर्गीकृत विपणन व्यय के माध्यम से लगभग 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था।
किसी भी गलत काम से इनकार करते हुए एचडीएफसी बैंक ने कहा, ‘बैंक के पास मजबूत आंतरिक निरीक्षण, लेखा परीक्षा और नियंत्रण प्रक्रियाएं और प्रणालियां हैं।’ एचडीएफसी बैंक ने एक बयान में कहा, ‘बैंक के स्थापित मानदंडों के अनुसार सभी मुद्दों को निपटाया जाता है। किसी भी आंतरिक समीक्षा के बाद अंतिम निर्धारण से पहले हमेशा पूरी प्रक्रिया का पालन किया जाता है। हम चुनिंदा सामग्री के आधार पर कदाचार या जवाबदेही की किसी भी धारणा को दृढ़ता से अस्वीकार करते हैं।’
यह रिपोर्ट ऐसे समय में आई है जब बैंक में प्रशासन संबंधी सवाल उठे हैं। इसके के बाद बैंक के पूर्व अंशकालिक अध्यक्ष अतनु चक्रवर्ती ने मार्च के मध्य में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि बैंक में कुछ घटनाएं व प्रथाएं उनके मूल्यों व नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। उनके इस्तीफे के बाद केकी मिस्त्री को तीन महीने की अवधि के लिए बैंक का अंतरिम अंशकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया था।