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फिनो पेमेंट्स बैंक का दावा: CEO की गिरफ्तारी के बावजूद जारी रहेगा SFB में बदलने का सफर

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सीईओ की गिरफ्तारी के बावजूद फिनो पेमेंट्स बैंक ने साफ किया है कि उनके स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) बनने की प्रक्रिया और बैंकिंग कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा

Last Updated- March 02, 2026 | 9:59 PM IST
Fino Payments Bank
प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

फिनो पेमेंट्स बैंक ने सोमवार को कहा कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से कोई ऐसे संकेत नहीं मिले हैं, जिससे उसके लघु वित्त बैंक (एसएफबी) में परिवर्तन के लिए सैद्धांतिक मंजूरी को लेकर कोई अनिश्चितता हो। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े कथित उल्लंघनों के मामले में बैंक के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्याधिकारी (सीईओ) ऋषि गुप्ता की गिरफ्तारी के बाद फिनो ने स्थिति साफ की है। बैंक ने कहा कि वह सैद्धांतिक मंजूरी में नियामक द्वारा निर्धारित 18 महीने की समय सीमा के भीतर एसएफबी में परिवर्तन को पूरा करने की सही राह पर है।

भूराजनीतिक तनावों के कारण बाजार में 1.29 प्रतिशत गिरावट के बावजूद फिनो के शेयर 1.04 प्रतिशत बढ़कर बीएसई में 194.45 रुपये पर बंद हुए।

गुप्ता की अनुपस्थिति में बैंक का नेतृत्व कर रहे फिनो पेमेंट्स बैंक के सीएफओ केतन मर्चेंट ने कहा, ‘रिजर्व बैंक में सभी स्तरों पर कई बैठकें हुई हैं। अभी तक जो जानकारी मिली है, उसके अनुसार हमारी एसएफबी योजना पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा है।’

उन्होंने कहा, ‘एसएफबी योजना को लेकर हमारी तैयारी जारी है, जिसके लिए हमें 18 महीने की नियामक समय-सीमा मिली है।’ उन्होंने कहा कि यह खबर सामने आने के बावजूद हमारी नकदी यथावत है।  

शेयर बाजार को दी गई जानकारी में  बैंक ने कहा कि वह पारदर्शिता और प्रतिबद्धता सुनिश्चित करने के लिए नियामकों सहित सभी हिस्सेदारों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है। बैंक ने कहा, ‘हमें उम्मीद है कि निर्धारित समय-सीमा से पहले प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।’

यह पूछे जाने पर कि क्या इस घटना के बाद प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्याधिकारी के रूप में गुप्ता की स्थिति प्रभावित हो सकती है या नहीं, और क्या बैंक ऐसी किसी भी स्थिति के लिए तैयार है, के जवाब में मर्चेंट ने कहा कि फिनो पेमेंट्स बैंक का संचालन पेशेवर तरीके से होता है और इसमें अन्य बैंकों की तरह नेतृत्व  की एक परिभाषित दूसरी पंक्ति है।

उन्होंने कहा, ‘हम एक पेशेवर तरीके से संचालित बैंक हैं, और इसका प्रमाण इस तथ्य से भी मिलता है कि इस तरह की घटना के बावजूद हमारा व्यवसाय यथावत है।’  

जनवरी के आखिर में रिजर्व बैंक ने गुप्ता को फिनो पेमेंट्स बैंक के एमडी व सीईओ के रूप में मई से अगले 3 साल तक काम जारी रखने की मंजूरी दे दी थी।

मर्चेंट ने इस बात पर जोर दिया कि बैंक ने रिजर्व बैंक को स्पष्ट किया कि यह मुद्दा एक विशेष प्रोग्राम मैनेजर से संबंधित है। उन्होंने कहा, ‘हम रिजर्व बैंक से साथ सक्रियता से जुड़े हुए हैं। अब तक कोई संदेश या कुछ ऐसा नहीं दिखा है, जिससे हमें बैंकिंग के सामान्य कामकाज के परिचालन को लेकर कोई चिंता होनी चाहिए।’

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First Published - March 2, 2026 | 9:59 PM IST

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