facebookmetapixel
Advertisement
कच्चे तेल की महंगाई से पेट्रोल-डीजल फिर महंगे, बंगाल चुनाव बाद चौथी बार बढ़े तेल के दामMSMEs के लिए कारोबारी जरूरतों के मुताबिक बने कर्ज मॉडल: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमणरिकॉर्ड बिक्री और मजबूत मांग से आयशर मोटर्स के नतीजे अनुमान से बेहतरलिस्टेड रीट्स ने चौथी तिमाही में 2,566 करोड़ रुपये से ज्यादा बांटेAI की चुनौती से दबाव में आईटी शेयर, गिरावट के बाद भी सुधार की राह लंबीपश्चिम एशिया संकट की चौतरफा मार: भारतीय कंपनियों की बढ़ी लागत, महंगे होंगे ऑटो, फार्मा और राशनकमोडिटी बाजार पर फिर बढ़ेगा सेबी का फोकस, अहम विभाग फिर से शुरू करने की योजनानेपाल बॉर्डर से बुंदेलखंड तक बनेगा मेगा कॉरिडोर, UP में कनेक्टिविटी सुधारने को CM योगी का बड़ा प्लाननीट पेपर लीक पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा: NTA ने अतीत से नहीं सीखा सबक, केंद्र और CBI से मांगा जवाबभारत और कनाडा के बीच ऊर्जा के लिए अपार संभावनाएं, व्यापार वार्ता भी तेज 

गठबंधन सरकार में निर्णय लेने की प्रक्रिया होगी धीमी, मूडीज एनालिटिक्स ने जताया अनुमान

Advertisement

इस बार के आम चुनावों में हालांकि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग (NDA) को लोकसभा में 293 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से अधिक है।

Last Updated- June 07, 2024 | 4:24 PM IST
Modi government gave a gift of Rs 60,000 crore to Andhra Pradesh, there will be investment in this sector; What happened on the demand of Bihar मोदी सरकार ने आंध्र प्रदेश को दी 60,000 करोड़ रुपये की सौगात, इस सेक्टर में होगा निवेश; बिहार की मांग पर क्या हुआ

गठबंधन सरकार (Coalition Government) में राजनीतिक स्थिरता की कमी और आम सहमति बनाने की जरूरत के चलते निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है। मूडीज एनालिटिक्स ने शुक्रवार को यह अनुमान जताते हुए कहा कि ऐसे में निकट भविष्य में निवेशकों का भरोसा कम हो सकता है।

मूडीज एनालिटिक्स ने चुनाव के बाद एक टिप्पणी में कहा कि लोकसभा चुनाव के नतीजों का मतलब है कि संसद में समीकरण बदलने वाले हैं, क्योंकि गठबंधन के सहयोगी नीतिगत निर्णयों में प्रभाव डालेंगे और फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। टिप्पणी के मुताबिक, हालांकि इससे शासन के लिए अधिक समावेशी दृष्टिकोण पाने में मदद मिलेगी।

‘भारत चुनाव समीक्षा: मतदाताओं ने भाजपा को गठबंधन सरकार चलाने के लिए मजबूर किया’ शीर्षक वाली समीक्षा में कहा गया, ‘‘भाजपा को सरकार बनाए रखने के लिए बातचीत और समझौते की मदद लेनी होगी। इससे निर्णय लेने की प्रक्रिया धीमी हो सकती है और शायद पार्टी की कुछ प्रमुख नीतिगत पहल धीमी हो सकती हैं।’’

भाजपा ने 2024 के आम चुनाव में 240 सीटें जीतीं हैं, जबकि इससे पहले उसे 2019 में 303 सीटें मिलीं थीं। इस बार के आम चुनावों में हालांकि भाजपा के नेतृत्व वाले राजग (NDA) को लोकसभा में 293 सीटें मिलीं, जो बहुमत के आंकड़े 272 से अधिक है।

मूडीज एनालिटिक्स ने कहा कि हालांकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तीसरी बार सत्ता में वापसी की है, लेकिन भाजपा की कमजोर स्थिति राजनीतिक समीकरण में एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाती है।

मूडीज एनालिटिक्स की एसोसिएट इकनॉमिस्ट अदिति रमन ने कहा कि राजनीतिक स्थिरता में कमी और आम सहमति बनाने की जरूरत के चलते निकट भविष्य में निवेशकों का भरोसा घट सकता है।

Advertisement
First Published - June 7, 2024 | 4:24 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement