WTO 14th Ministerial Conference: विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) का 14वां मंत्रिस्तरीय सम्मेलन बिना किसी मंत्रिस्तरीय घोषणा के समाप्त हो गया। देशों के पास ‘समय की कमी’ थी और वे ई-कॉमर्स शुल्क सहित प्रमुख मुद्दों पर आम सहमति बनाने में विफल रहे।
ई-कॉमर्स शुल्क में छूट 28 साल से लागू है। हर 2 साल पर इसकी अवधि बढ़ाई जाती रही है। सीमा शुल्क पर छूट की व्यवस्था इस महीने के अंत तक समाप्त हो जाएगी, क्योंकि भारत और ब्राजील जैसे विकासशील देश खासकर अमेरिका जैसे विकसित देशों के स्थायी छूट की कड़ी सौदेबाजी के सामने झुकने को तैयार नहीं हुए। अब इस पर सहमति नहीं बनने से देशों के पास इन सेवाओं पर शुल्क लगाने का रास्ता खुल सकता है।
अन्य मसलों में ई-कॉमर्स पर डब्ल्यूटीओ की कार्य प्रक्रिया, ‘इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसमिशन’ पर सीमा शुल्क वसूलने पर लगी वर्तमान रोक को जारी रखने और बौद्धिक संपदा अधिकारों के व्यापार-संबंधित पहलुओं (ट्रिप्स) से जुड़ी शिकायतों का समाधान जैसे विषय सम्मिलित थे। अब इन विषयों पर चर्चा संगठन के मुख्यालय जिनेवा में जारी रहेगी।
ट्रिप्स समझौते के तहत उल्लंघन-रहित और स्थिति संबंधी शिकायतों पर लगी रोक भी महीने के अंत में समाप्त हो जाएगी।
मंत्रिस्तरीय बैठक कैमरून में 26 से 29 मार्च तक होनी थी, लेकिन बातचीत आगे बढ़ गई और आधी रात के बाद भी जारी रही, जिसके चलते बैठक 30 मार्च को समाप्त हुई।
सम्मेलन की अध्यक्षता करने वाले कैमरून के व्यापार मंत्री ल्यूक मैग्लॉयर म्बार्गा अतांगाना ने कहा कि चार दिन की बैठक में व्यापार मंत्रियों ने कई मुद्दों को निपटाने की कोशिश की, लेकिन समय की कमी के कारण कुछ लंबित मुद्दों पर सहमति नहीं बन पाई।
डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक न्गोजी ओकोंजो-इवेला ने डब्ल्यूटीओ सुधार पर जारी वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए चर्चा में हुई प्रगति, मत्स्य पालन सब्सिडी पर आगे के नियमों पर काम को आगे बढ़ाने के निर्णय और अन्य मुद्दों का स्वागत किया। उन्होंने कहा, ‘हम समझौतों के एक याउंडे पैकेज के बहुत करीब हैं, जो सदस्यों और संगठन के भविष्य के लिए महत्त्वपूर्ण होगा, लेकिन हम अभी पूरी तरह से वहां तक नहीं पहुंचे हैं।’
उन्होंने सुझाव दिया कि सदस्य देश 4 दिन की मंत्रिस्तरीय चर्चा के दौरान तैयार किए गए दस्तावेजों के मसौदे का उपयोग करें और शेष मुद्दों पर जिनेवा में होने वाली अगली परिषद की बैठक में अंतिम समझौता करने की कोशिश करें।
इस बीच वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में कहा, ‘भारत वैश्विक व्यापार परिदृश्य के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर डब्ल्यूटीओ सदस्यों के साथ पारदर्शिता, रचनात्मकता और सद्भावना के साथ बातचीत जारी रखेगा।’
दिल्ली के थिंक टैंक जीटीआरआई ने कहा कि इस परिणाम ने मंत्रिस्तरीय बैठक को हाल के वर्षों की सबसे अनिर्णायक मंत्रिस्तरीय बैठकों में से एक बना दिया है, जो बहुपक्षीय व्यापार प्रणाली के भविष्य को लेकर गहरे मतभेदों को उजागर करता है।