प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को जी7 देशों के नेताओं को संबोधित करते हुए कहा कि दुनिया को अब मदद देने वाले और मदद लेने वाले संबंधों से आगे बढ़कर समानता और आपसी सहयोग पर आधारित साझेदारी की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने ‘फोर्जिंग न्यू पार्टनरशिप्स ऐंड रीबिल्डिंग इंटरनैशनल सॉलिडैरिटी’ विषय पर आयोजित बैठक में कहा कि आज के समय में देशों के बीच भरोसा बहुत जरूरी है क्योंकि दुनिया आपस में पहले से ज्यादा जुड़ी हुई है।
इस बैठक में प्रधानमंत्री मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के पास बैठे थे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि देशों के बीच संबंध समानता और आपसी सहयोग पर आधारित हों न कि सिर्फ मदद देने और लेने पर। इस बैठक में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी, ब्राजील के राष्ट्रपति लूला दा सिल्वा, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर समेत कई बड़े नेता मौजूद थे।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत हमेशा पहले ‘मानवता’ की सोच के साथ काम करता है। भारत ने दुनिया के लिए कई पहल शुरू की हैं, जैसे अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन, आपदा से सुरक्षित ढांचा बनाने की पहल, वैश्विक जैव ईंधन गठबंधन, मिशन लाइफ और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान आदि।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत की सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम्’ पर आधारित है, जिसका मतलब है कि पूरी दुनिया एक परिवार है। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत दुनिया के सभी देशों के साथ मिलकर, सबको साथ लेकर चलने वाले विकास के लिए काम करता रहेगा। बैठक शुरू होने से पहले उन्होंने जी-7 नेताओं से बातचीत भी की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने मंगलवार को जी7 देशों के नेताओं की बैठक के दौरान संक्षिप्त मुलाकात की और एक-दूसरे का अभिवादन किया। यह द्विपक्षीय संबंधों में जारी तल्खी के बीच दोनों नेताओं की 16 महीनों में पहली आमने-सामने की बातचीत थी। शिखर सम्मेलन के मौके पर बुधवार को दोनों नेताओं के बीच विस्तृत द्विपक्षीय बैठक होगी।
इस वर्ष जी7 शिखर सम्मेलन के स्थल एवियन-ले-बेंस में मोदी और ट्रंप ने गर्मजोशी से हाथ मिलाया और संक्षिप्त बातचीत की। हालांकि इस बारे में कुछ पता नहीं चला है कि दोनों नेताओं के बीच क्या बात हुई, लेकिन इस मुलाकात ने उनकी प्रस्तावित वार्ता का मंच जरूरत तैयार कर दिया है। पिछले महीने अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा के बाद दोनों पक्ष द्विपक्षीय संबंधों को दोबारा मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की पिछले साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति से मिलने के लिए वाशिंगटन डीसी की यात्रा के बाद यह पहली मुलाकात है। बुधवार को अपनी बैठक में दोनों नेता द्विपक्षीय संबंधों का जायजा ले सकते हैं। इसमें द्विपक्षीय व्यापार सौदे के लिए चल रही वार्ता और रक्षा सहयोग को बढ़ावा देने के लिए उठाए जा रहे कदम भी शामिल होंगे। इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी जी7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को एवियन-ले-बेंस पहुंचे।