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‘विवाद से विश्वास’ ने एकत्र किए 53,000 करोड़ रुपये

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Last Updated- December 12, 2022 | 7:01 AM IST

विवाद से विश्वास विवाद समाधान योजना से सरकार को 10 मार्च तक 53,320 करोड़ रुपये मिले हैं। सोमवार को सरकार ने संसद मेंं यह जानकारी दी। वित्त राज्य मंत्री अनुराग ठाकुर ने लोकसभा मेंं कहा कि कुल विवादित कर 98,354 करोड़ रुपये है।  
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 1.55 लाख घोषणाएं की गर्ईं, जिनमें से 26,846 आवेदनों को स्वीकार नहीं किया गया और इसमें से कुछ को पुनरीक्षित किया गया और 6,551 को खारिज किया गया।
तमिलनाडु को छोड़कर सभी राज्यों ने पूंजीगत वव्यय के लिए राज्योंं की विशेष सहायता योजना के तहत नई और चल रही परियोजनाओंं को लेकर प्रस्ताव भेजे हैं। ठाकुर ने कहा कि योजना के पहले दूसरे और तीसरे चरण के तहत 10,656 करोड़ रुपये की परियोजनाओंं को मंजूरी दी गई है।
करीब 5,328 करोड़ रुपये पहली किस्त मेंं राज्योंं को जारी किए गए हैं।  केंद्र सरकार ने राज्योंं के लिए 50 साल के लिए 12,000 करोड़ रुपये ऋण मुक्त कर्ज देने की घोषणा की थी, जिसके तहत यह सहायता दी जा रही है।
ठाकुर ने एक अलग जवाब में कहा कि इस समय वैकल्पिक व्यवस्था के तहत सार्वनिजक क्षेत्र की इकाइयोंं के निजीकरण के किसी प्रस्ताव पर विचार नहीं किया जा रहा है। ठाकुर ने कहा कि नई निजीकरण नीति के मुताबिक नीति आयोग निजीकरण, विलय, या बैंकों सहित पीएसयू की सहायक इकाई बनाने की योजना पर सिफारिश करेगा।  ठाकुर ने कहा कि भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के लिए बोली आमंत्रित करने के पहले सरकार विशेष पेट्रोलियम उत्पादोंं की सब्सिडी वाली दरें जारी रखने के मसले पर फैसला करेगी।

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First Published - March 15, 2021 | 11:51 PM IST

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