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माल ढुलाई के लिए भी चलेगी वंदे भारत

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Last Updated- December 11, 2022 | 1:45 PM IST

वित्त वर्ष 2022-23 में 75 वंदे भारत ट्रेन शुरू किए जाने की प्रतिबद्धता के बाद केंद्र सरकार अब माल ढुलाई में इस सेमी हाई-स्पीड ट्रेनों का इस्तेमाल करने की योजना बना रही है। रेलवे बोर्ड की ओर से जारी एक परिपत्र में रेल मंत्रालय ने महंगे और समय को लेकर संवेदनशील सामान की सुपर फास्ट पार्सल सेवाएं पेश करने की घोषणा की है।
बिजनेस स्टैंडर्ड ने इस नोटिस को देखा है। नोटिस के मुताबिक इस तरह की पहली सेवा जल्द शुरू हो सकती है और ज्यादा संभावना है कि ज्यादा मांग वाले खंड पर यह सेवा शुरू की जाए। अधिकारियों ने कहा कि हिस्सेदारों के साथ परामर्श के बाद रेलवे दिल्ली और मुंबई के बीच पहली सेवा शुरू करेगा।
वंदे भारत या ट्रेन-18 केंद्र सरकार की देश भर में यात्री रेल सेवाओं के आधुनिकीकरण की योजना है। इस ट्रेन में लिंक हॉफमैन बुश (एलएचबी) कोच लगे हैं। इसकी डिजाइन बेहतर तरीके से तैयार की गई है, जिससे रेलवे की खराब छवि को दुरुस्त किया जा सके और यात्री सेवाओं में रेलवे की हिस्सेदारी बढ़ाई जा सके।
केंद्र ने इस वित्त वर्ष के बजट में 75 वंदे भारत ट्रेन और 2024-25 तक 400 ट्रेन चलाने की घोषणा की थी। मालढुलाई ईएमयू रैक की कुछ अहम विशेषताओं में परिचालन रफ्तार क्षमता 160 किलोमीटर प्रति घंटा होना शामिल है। समय को लेकर संवेदनशील कॉर्गो के मुताबिक इसकी डिजाइन होगी। 
रैक की डिजाइन पैलेटाइज्ड कंटेनर ट्रांसपोर्टेशन के लिए तैयार की गई है। स्वचालित स्लाइडिंग दरवाजों के साथ 1,800 मिमी चौड़े रैक में तापमान के प्रति संवेदनशील कार्गो के लिए रिफर कंटेनरों को चढ़ाने का प्रावधान होंगे । वंदे भारत ट्रेन के लिये कोच का निर्माण करने वाली चेन्नई स्थित समन्वित यान फैक्टरी द्वारा दिसंबर तक ‘फ्रेट ईएमयू’ रैक बनाने की संभावना है।  मंत्रालय ने जोनल रेलवे डिवीजनों से कहा है कि वे इस सुपरफास्ट पार्सल सेवाओं के लिए ज्यादा खंडों की पहचान करें। 
 

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First Published - October 13, 2022 | 10:22 PM IST

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