facebookmetapixel
Tata Capital Q3 Results: मुनाफा 16.9% उछलकर ₹1,256.87 करोड़ पर पहुंचा, NII में भी जबरदस्त ग्रोथSEBI का नया प्रस्ताव: ₹20,000 करोड़ AUM वाले इंडेक्स अब नियमों के दायरे में आएंगेSBI YONO यूजर्स को सरकार की चेतावनी: फर्जी आधार APK से रहें सावधान, नहीं तो होगा भारी नुकसानFlexi-Cap Funds: 2025 में रहा सुपरस्टार, AUM ₹5.52 लाख करोड़; फंड मैनेजर पर है भरोसा तो करें निवेशRealty Stock: नतीजों के बाद बनेगा रॉकेट! ब्रोकरेज ने BUY रेटिंग के साथ दिया 61% अपसाइड का टारगेटQ3 रिजल्ट के बाद PNB का शेयर 52-वीक हाई से 5.37% नीचे लुढ़का; जानें क्या है कारणPNB Q3FY26 Results: मुनाफा 11.6% बढ़कर ₹5,189 करोड़ के पार, ब्याज से होने वाली आय भी 3% बढ़ाराहत अब काफी नहीं! एक्सपर्ट की मांग: बजट में प्री-फंडेड क्लाइमेट इंश्योरेंस पॉलिसी पर सोचे सरकार₹3 लाख के पार चांदी, क्या अभी भी कमाई का मौका बचा है, जानें क्या कह रहे हैं एक्सपर्टNFO: Parag Parikh MF ने उतारा नया लॉर्ज कैप फंड, ₹1,000 से निवेश शुरू; क्या है इसमें खास?

जनवरी में राज्यों को दोगुना कर हस्तांतरण

Last Updated- December 11, 2022 | 9:51 PM IST

वित्त मंत्रालय ने आज जनवरी के लिए राज्यों को कर हस्तांतरण की दोगुनी राशि जारी की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यों को अग्रिम किस्त का 47,541 करोड़ रुपये राज्यों को जारी करने के लिए अधिकृत किया था, जिसके तहत यह किया गया है।
इस तरह से राज्यों को कुल 95,082 करोड़ रुपये या राज्यों के लिए अधिकृत राशि की तुलना में दोगुना धन जनवरी महीने में मिलेगा। धन हस्तांतरण से राज्यों को कोविड से प्रभावी तरीके से निपटने में मदद मिलेगी, साथ ही वे आर्थिक वृद्धि को समर्थन करने के लिए पूंजीगत व्यय कर सकेंगे।
सरकार ने राज्यों को पिछले साल 22 नवंबर को कर विभाजन की अग्रिम किस्त 47,541 करोड़ रुपये जारी किया था। वित्त मंत्रालय ने एक बयान में कहा है, ‘आज दूसरी अग्रिम किस्त जारी किए जाने के साथ राज्यों को कर हस्तांतरण के तहत 90,082 करोड़ रुपये अतिरिक्त राशि मिलेगी। यह बजट में तय राशि के अतिरिक्त होगी।’
वित्त मंत्रालय ने कहा कि यह राज्यों के हाथ मजबूत करने की केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता के तहत किया जा रहा है, जिससे उनकी पूंजीगत और विकास संबंधी व्यय जरूरतें पूरी की जा सकें और वे कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से निपट सकें।
केंद्रीय करों में राज्यों की हिस्सेदारी कुल मिलाकर 41 प्रतिशत होती है, जिसका फैसला 15वें वित्त आयोग ने किया था। यह एक वित्त वर्ष में 14 किस्तों में दिया जाता है। बजट अनुमान और संशोधित अनुमान के बीच समायोजन मार्च में किया जाता है।

First Published - January 20, 2022 | 11:11 PM IST

संबंधित पोस्ट