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SBI ने भी कम किया GDP अनुमान, 7.5% से घटाकर 6.8% किया ग्रोथ रेट

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:02 PM IST

भारतीय स्टेट बैंक के मुख्य अर्थशास्त्री ने पहली तिमाही के लिए GDP रेट को गिरा दिया है। वहीं वित्त वर्ष 2023 के लिए पूरे साल के ग्रोथ के अनुमान को 7.5 प्रतिशत से घटाकर  6.8 प्रतिशत कर दिया गया।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) ने बुधवार को चालू वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही की ग्रोथ रेट जारी की।  जिसमें 13.5 प्रतिशत की वृद्धि दिखाई गई, जो कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के ख़राब प्रदर्शन के कारण की गई है। हालांकि एक्सपर्ट्स का GDP पूर्वानुमान 15 से 16.7 प्रतिशत का था। जबकि RBI ने 16.7 प्रतिशत का उच्चतम पूर्वानुमान लगाया था। 
 
RBI समूह के मुख्य आर्थिक सलाहकार सौम्य कांति घोष ने भी पहली तिमाही के लिए 15.7 प्रतिशत की वृद्धि का अनुमान लगाया था। सौम्य कांति घोष ने कहा कि 13.5% पर ग्रोथ रेट के साथ वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की बढ़ोतरी में तिमाही आधार पर 9.6% की कमी आई है।  लेकिन वास्तविक GDP ग्रोथ सीरीज आर्थिक गतिविधियों में तेजी का संकेत देती है।  इसके तहत पहली तिमाही में 5.6% की ग्रोथ देखी गयी थी। वहीं इससे पूर्व वित्त वर्ष 2021-22 की पहली और चौथी तिमाही में यह 4.1% और 1.9% थी।
 
उन्होंने ये भी कहा, ‘हेडलाइन GDP के आंकड़े इससे कई ज़्यादा चीजें छिपाते हैं। यह IIP और CPI बास्केट के माप में शामिल वस्तुओं  पर गौर करने का समय है, जिसमें बदलाव आखिरी बार 2012 में किया गया था।’
 
घोष ने कहा कि हालांकि GDP में दहाई अंक की ग्रोथ हुई है लेकिन बाज़ार की उम्मीदों से यह फिर भी कम है।  इसका प्रमुख कारण मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की बढ़ोतरी है। जो पहली तिमाही में महज 4.8% थी । उन्होंने कहा कि इसको देखते हुए पूरे वित्त वर्ष में इकोनॉमिक ग्रोथ रेट के 6.8% रहने का अनुमान है। वहीं चालू वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में GDP ग्रोथ रेट 6.9%, तीसरी तिमाही में 4.1% और चौथी तिमाही में 4% रहने का अनुमान है।
 
घोष ने ये भी कहा, "हम अब वित्त वर्ष 23 के लिए अपनी वार्षिक GDP वृद्धि को संशोधित कर के 6.8 प्रतिशत कर रहे हैं, जो ज़्यादातर सांख्यिकीय समायोजन के कारण है, लेकिन दूसरी छमाही में वृद्धि गति में तेजी आने की संभावना है।"

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First Published - September 2, 2022 | 1:33 PM IST

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