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E-Rupee को लोकप्रिय बनाने के लिए RBI का नया प्लान! जल्द शुरू होगा ऑफलाइन ट्रांजेक्शन 

RBI ने दिसंबर, 2022 में खुदरा CBDC की प्रायोगिक शुरुआत की थी। इसने दिसंबर, 2023 में एक दिन में 10 लाख लेनदेन का लक्ष्य हासिल कर लिया था।

Last Updated- February 08, 2024 | 2:59 PM IST
ई-रुपये को लोकप्रिय बनाने के लिए RBI का नया प्लान! जल्द शुरू होगा ऑफलाइन ट्रांजेक्शन , RBI's new plan to popularize E-Rupee! Offline transactions will start soon

RBI MPC Meet: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने गुरुवार को केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्रा (CBDC) पायलट परियोजना में ‘ऑफलाइन’ लेन-देन शुरूआत करने की घोषणा की। इसका मतलब है कि डिजिटल रुपये के उपयोगकर्ता सीमित इंटरनेट कनेक्शन वाले क्षेत्रों में भी लेनदेन कर सकेंगे। 

भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने गुरुवार को द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि प्रायोगिक परियोजना के तहत इसमें कार्यक्रम आधारित अतिरिक्त उपयोग को शामिल किया जाएगा। 

RBI ने दिसंबर, 2022 में खुदरा CBDC की प्रायोगिक शुरुआत की थी। इसने दिसंबर, 2023 में एक दिन में 10 लाख लेनदेन का लक्ष्य हासिल कर लिया था। उल्लेखनीय है कि अन्य भुगतान मंच, विशेष रूप से बेहद लोकप्रिय यूनिफाइड पेमेंट इंटरफेस (UPI) में पहले से ही ऑफलाइन की सुविधा दी जा चुकी है। 

दास ने कहा, ‘‘खराब या सीमित इंटरनेट संपर्क वाले क्षेत्रों में लेनदेन को सक्षम करने के लिए CBDC-खुदरा (रिटेल) में एक ऑफलाइन सुविधा शुरू करने का प्रस्ताव है।’’ उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए पहाड़ी क्षेत्रों, ग्रामीण और शहरी स्थानों पर कई ‘ऑफलाइन’ समाधानों का परीक्षण किया जाएगा। 

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दास ने कहा कि अभी इसके तहत बैंकों द्वारा प्रदान किए गए डिजिटल रुपये वॉलेट का उपयोग करके व्यक्ति से व्यक्ति (P2P) और व्यक्ति से व्यापारी (P2M) लेनदेन को सक्षम बनाती है। उन्होंने कहा कि अब इसे कार्यक्रम आधारित ऑफलाइन रूप से सक्षम करने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम आधाारित क्षमता के जरिये सरकारी एजेंसियों जैसे प्रयोगकर्ता निश्चित लाभ के लिए भुगतान सुनिश्चित कर सकेंगी। 

दास ने कहा कि कंपनियां भी अपने कर्मचारियों के लिए कारोबारी यात्रा जैसे कार्यक्रम आधारित खर्च में सक्षम हो सकेंगी। उन्होंने कहा, अतिरिक्त सुविधाएं जैसे वैधता अवधि या भौगोलिक क्षेत्र जिसके भीतर CBDC सीडीबीसी का उपयोग किया जा सकता है, को भी ‘प्रोग्राम’ किया जा सकता है।

First Published - February 8, 2024 | 2:59 PM IST (बिजनेस स्टैंडर्ड के स्टाफ ने इस रिपोर्ट की हेडलाइन और फोटो ही बदली है, बाकी खबर एक साझा समाचार स्रोत से बिना किसी बदलाव के प्रकाशित हुई है।)

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