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इस साल निजी पूंजीगत खर्च बढ़ने के आसार

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Last Updated- December 11, 2022 | 4:25 PM IST

भले ही निजी क्षेत्र का पूंजीगत खर्च आगामी तिमाहियों में बढ़ने की संभावना है, लेकिन भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा कराए गए ताजा अध्ययन से पता चला है कि वित्त वर्ष 2022 में पूंजीगत खर्च के लिए भारतीय कंपनियों द्वारा परियोजना संबं​धित ऋण मांग पिछले वर्षों की तरह नहीं बढ़ी।
भले ही 1.43 लाख करोड़ रुपये की परियोजना लागत वित्त वर्ष 2021 के 75,558 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड निचले स्तर के मुकाबले करीब दोगुनी है, लेकिन यह कोविड-पूर्व स्तरों के मुकाबले कम बनी हुई है। यह परियोजनाओं के लिए स्वीकृत सालाना 4 लाख करोड़ रुपये के ऋणों के आंकड़े से (2010-11 में कॉरपोरेट निवेश के सकारात्मक परिवेश के बाद के मुकाबले) नीचे है।
बैंकों द्वारा निजी क्षेत्र को दिए गए परियोजना संबं​धित ऋणों पर कराए गए एक अध्ययन से वित्त वर्ष 2022 में 1.3 प्रतिशत ऋणों की नई मंजूरियों का पता चलता है, जबकि वित्त वर्ष 2021 में यह आंकड़ा 0.7 प्रतिशत था।
आरबीआई के अनुसार, इन्फ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र का वित्त वर्ष 2022 में स्वीकृत ऋणों में 57 प्रतिशत योगदान रहा, जो 2016-17 से 2019-20 में दर्ज किए गए रुझान के समान है। पिछले कुछ वर्षों में इन्फ्रा ऋण मंजूरियां मुख्य तौर पर बिजली, सड़क, और पुल परियोजनाओं से जुड़ी रही हैं।
जहां बड़ी संख्या में धातु एवं खनन क्षेत्र के लिए ऋण वर्ष 2010 और 2015 के बीच स्वीकृत किए गए थे, वहीं 2018 के बाद इनमें कमी आई।
महाराष्ट्र और गुजरात निजी क्षेत्र की परियोजनाएं मंजूर होने के सबसे बड़े लाभार्थी रहे हैं और उत्तर प्रदेश एवं राजस्थान में भी बाद में इस संबंध में सुधार देखा गया है।
परियोजना आकार के लिहाज से मंजूर ऋणों के विश्लेषण से संकेत मिलता है कि 5,000 करोड़ रुपये से ​​अ​धिक की परियोजनाओं ने 2013-14 के बाद 50,000 करोड़ रुपये के साथ काफी कम ऋण मंजूरियां आक​र्षित कीं जबकि 2009-10 और 2010-11 में यह आंकड़ा 2.4 लाख करोड़ रुपये और 1.8 लाख करोड़ रुपये था। इसके अलावा, पिछले कुछ वर्षों में नई ऋण मंजूरियों की बड़ी भागीदारी विकासशील या मौजूदा परियोजनाओं के बजाय नई परियोजनाओं से जुड़ी रही है।
आरबीआई ने कहा है कि कॉरपोरेट सेक्टर का पूंजीगत खर्च संपूर्ण निवेश परिवेश को बदलने में अहम योगदान देता है। निजी निवेश परिदृश्य का आकलन वृद्धि की संभावनाओं का अंदाजा लगाने के लिए जरूरी है। आरबीआई का मानना है कि आगामी तिमाहियों में निजी क्षेत्र के पूंजीगत खर्च में सुधार आएगा। 

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First Published - August 22, 2022 | 10:30 PM IST

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