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अंबानी बंधु की जंग में तीसरा नहीं

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Last Updated- December 08, 2022 | 8:46 AM IST

सरकार ने अप्रत्याशित कदम उठाते हुए बंबई उच्च न्यायालय से दायर अपना वह हलफनामा वापस ले लिया,


जिसमें उसने कहा था कि रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) कीमत फॉर्मूले पर उसकी मंजूरी लिए बिना कृष्णा-गोदावरी (केजी) बेसिन की गैस किसी को नहीं बेच सकती। हालांकि कुछ समय पहले सरकार ने ही कोर्ट से अपील की थी कि उसे इस मामले में तीसरा पक्ष बनाया जाए।

उल्लेखनीय है कि अदालत में लंबित इस मसले पर मुकेश और अनिल अंबानी भाइयों के बीच विवाद चल रहा है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने इस मसले पर आरएनआरएल के वकील राम जेठमलानी से सुनवाई के दौरान जिरह में हिस्सा नहीं लेने का इरादा किया है।

साथ ही अपने लिए यह विकल्प भी खुला रखा है कि इस मसले पर आए निर्णय से अगर वह असंतुष्ट हो, तो इसे चुनौती दे सके। सरकार की ओर से कोर्ट में उपस्थित हुए अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल मोहन पारासरण ने हलफनामे को वापस लिया।

सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की अब इस मामले की सुनवाई कर रही अदालत को सहयोग करेगी। साथ ही कोर्ट को वह कानूनी दस्तावेज भी उपलब्ध कराएगी, जिसमें सरकार और तेल-गैस उत्खनन कंपनियों की ओर से कीमतों के बारे समझौता किया गया है, ताकि अदालत को फैसला सुनाने में मदद मिल सके।

सूत्रों का कहना है कि सरकार की ओर से अदालत में जो हलफनामा दायर किया गया था और संसद में इस मसले पर जो बयान दिया गया था, उसमें काफी विरोधाभास है।

यही वजह है कि सरकार ने इस हलफनामे को वापस ले लिया। आरएनआरएल के वकील ने कहा कि सरकार की ओर से इस मामले में तीसरी पार्टी बनाने के लिए हलफनामा तो दायर कर दिया गया ।

लेकिन सरकार सुनवाई के दौरान बहस से बचना चाह रही है।  पारासरण ने बताया कि सरकार अपना हलफनामा इसलिए वापस ले रही है, ताकि मामले की सुनवाई जल्द हो सके। साथ ही सरकार इस मसले पर कीमत निर्धारण के लिए कोर्ट की मदद भी कर सकती है।

पिछले माह बंबई हाई कोर्ट ने सरकारी वकील से कहा था कि इस मसले पर नए सिरे से हलफनामा दायर किया जाए, जिसमें इस बात का भी उल्लेख हो कि सरकार गैस की कीमत तय करना क्यों चाहती है। आरआईएल डी6 फील्ड से अगले साल जनवरी में गैस उत्पादन की तैयारी की योजना बना रही है।

लेकिन कंपनी तब तक अपनी गैस नहीं बेच सकेगी, जब तक कि अदालत का फैसला न आ जाए। गौरतलब है कि आरआईएल और आरएनआरएल के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत 17 सालों तक आरआईएल को 28 मिलियन क्यूबिक मीटर रोजाना गैस की आपूर्ति की जानी है।

कीमत और गैस आपूर्ति मसले पर अंबानी भाइयों के बीच है विवाद

कीमत मसले पर सरकार ने दायर किया था अदालत में हलफनामा

सरकार ने अदालत में जिरह से बचने के लिए वापस लिया हलफ नामा

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First Published - December 12, 2008 | 12:00 AM IST

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