facebookmetapixel
Advertisement
थोक जमा नियमों में आरबीआई का बदलाव, सभी ग्राहकों को मिलेगी समान ब्याज दर की जानकारी15 साल में मजबूत हुई ग्रामीण अर्थव्यवस्था, मौसम का असर पहले से कम: आरबीआई डिप्टी गवर्नरब्रांड वैल्यू में शाहरुख खान नंबर-1, विराट कोहली को पीछे छोड़ हासिल किया पहला स्थानवीजा की बेंगलूरु में बड़ी छंटनी, 1,400 कर्मचारियों की गई नौकरी; एआई पर बढ़ते फोकस का असरई-कॉमर्स निर्यात के लिए विदेशी कंपनियों को बनानी होगी अलग यूनिट एक्सचेंजों पर बंद भाव में बड़ा अंतर ट्रेडरों के लिए कमाई का मौका, आर्बिट्राज ट्रेडिंग में आई तेजीटाटा संस फिलहाल अपर लेयर एनबीएफसी में रहेगी, सीआईसी लाइसेंस पर फैसला बाकीRBI MPC Meet: रीपो रेट 5.25% पर बरकरार, ग्रोथ अनुमान बढ़ाया, महंगाई आउटलुक घटायाडिजिटल रुपये की बढ़ी रफ्तार, सीबीडीसी और यूएलआई का दायरा लगातार बढ़ा: आरबीआईUPI पर MDR लागू होगा या नहीं? RBI गवर्नर बोले- अभी चर्चा करना जल्दबाजी

विदेशी निवेशक लौटे तो इन शेयरों में आ सकती है बड़ी तेजी, PGIM की रिपोर्ट

Advertisement

PGIM इंडिया के मुताबिक अच्छी बिक्री वृद्धि और बेहतर ROE वाली कंपनियों ने वित्त वर्ष 27 में 27% रिटर्न दिया है

Last Updated- July 27, 2026 | 8:54 AM IST
Stock Market

पीजीआईएम इंडिया म्युचुअल फंड के अनुसार शेयर बाजार में उन कंपनियों को ज्यादा पसंद किया जा रहा है, जिनकी बिक्री में वृद्धि और इक्विटी पर रिटर्न (आरओई) औसत से बेहतर है। इस वित्त वर्ष में अब तक ‘हाई क्वॉलिटी और हाई ग्रोथ’ वाले ऐसे शेयर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले सेगमेंट के तौर पर उभरे हैं।

फंड ‘हाई क्वॉलिटी और हाई ग्रोथ’ वाले शेयरों को ऐसी कंपनियों के तौर पर वर्गीकृत करता है, जिनकी तीन साल की बिक्री में वृद्धि और तीन साल का इक्विटी पर रिटर्न औसत से ज्यादा रहा है। परिसंपत्ति प्रबंधक की एक रिपोर्ट के मुताबिक इन शेयरों ने वित्त वर्ष 27 में अब तक 27 फीसदी का रिटर्न दिया है, जो ‘हाई ग्रोथ या हाई क्वॉलिटी’ वाली कंपनियों (18 फीसदी) और ‘लो-ग्रोथ और लो-क्वॉलिटी’ वाली कंपनियों (21 फीसदी) से बेहतर है।

फंड हाउस का कहना है कि अभी जो बेहतर प्रदर्शन दिख रहा है, वह पिछले कुछ सालों के उन रुझान के उलट है जिनमें कम ग्रोथ और कम क्वॉलिटी वाले शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया था। उसके मुख्य निवेश अधिकारी (सीआईओ) विनय पहाड़िया के मुताबिक यह बदलाव 2024 के आम चुनावों से जुड़ी अस्थिरता के बाद शुरू हुआ और मौजूदा वित्त वर्ष में इसने तेजी पकड़ी है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा रुझान भी क्वॉलिटी-ग्रोथ वाली कंपनियों के लंबे समय से बेहतर प्रदर्शन के अनुरूप है। इसमें यह भी बताया गया है कि इस सेगमेंट ने पिछले पांच वर्षों में 33 फीसदी सालाना चक्रवृद्धि की दर (सीएजीआर) हासिल की है, जबकि 500 अग्रणी कंपनियों के के मामले में यह दर 18 फीसदी रही है।

पहाड़िया ने क्वॉलिटी-ग्रोथ शेयरों के प्रति बढ़ती पसंद का कारण विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) के निवेश में संभावित सुधार और घरेलू कमाई के चक्र में स्थिरता को बताया। रिपोर्ट में कहा गया है कि कच्चे तेल की कीमतों में कमी और वैश्विक स्तर पर आर्टिफिशल इंटेलिजेंस से जुड़े निवेशों के नए सिरे से मूल्यांकन से भारत विदेशी निवेशकों के लिए और आकर्षक बन सकता है।

उन्होंने कहा, मौजूदा आर्थिक माहौल स्थिर है, लेकिन इसमें तेजी से वृद्धि हो रही है और यह अच्छी क्वॉलिटी और तेजी से बढ़ने वाली कंपनियों के बेहतर प्रदर्शन के लिए अनुकूल है।

Advertisement
First Published - July 27, 2026 | 8:54 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement