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सरकार का E-20 के बाद अब E-25 का लक्ष्य, तरुण कपूर बोले: ऊर्जा आत्मनिर्भरता के लिए यह जरूरी

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PM मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने के लिए फ्लेक्स-फ्यूल व इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने पर जोर देने की बात कही है

Last Updated- June 06, 2026 | 10:21 AM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर | फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सलाहकार तरुण कपूर ने शुक्रवार को कहा कि भारत को पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को मौजूदा ई-20 स्तर से बढ़ाकर ई-25 तक ले जाना चाहिए और इसके बाद देश को एथेनॉल और पेट्रोल दोनों पर चलने वाले (फ्लेक्स-फ्यूल) वाहनों और ई-100 की दिशा में आगे कदम बढ़ना चाहिए। 

उन्होंने इसे आयातित जीवाश्म ईंधनों पर निर्भरता कम करने की दिशा में अगला कदम बताया। सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सायम) द्वारा आयोजित 6वें विश्व पर्यावरण दिवस सम्मेलन में कपूर ने कहा कि भारत का एथेनॉल मिश्रण कार्यक्रम देश की बड़ी उपलब्धियों में से एक है और इसे दुनिया भर में सराहा जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘हम फिलहाल ई-20 स्तर पर हैं। अभी हम इससे आगे नहीं बढ़े हैं क्योंकि हम चाहते हैं कि यह व्यवस्था पहले पूरी तरह स्थिर हो जाए। आखिरकार हमें ई-25 तक जाना चाहिए और इसके बाद पेट्रोल और एथेनॉल दोनों से चलने वाले वाहनों की दिशा में बढ़ना चाहिए और फिर ई100 यानी शत-प्रतिशत एथेनॉल को लक्षित करना चाहिए।’

कपूर ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव ने भारत के लिए ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनने की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी का देश की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है। परिवहन क्षेत्र जीवाश्म ईंधन का सबसे बड़ा उपभोक्ता है, इसलिए इसमें तेजी से बदलाव लाना जरूरी है। परिवहन क्षेत्र को जीवाश्म ईंधन से दूर करने में इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे बड़ी भूमिका होगी जबकि जैव ईंधन (बायोफ्यूल) सहायक भूमिका निभाएंगे। इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री बढ़ी है लेकिन इसमें और तेजी लाने की जरूरत है।

वहीं, यात्री वाहनों में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए कीमतें कम करनी होंगी, बेहतर वित्तीय सुविधाएं देनी होंगी और चार्जिंग नेटवर्क का विस्तार करना होगा।

उन्होंने कहा कि बसों और ट्रकों के विद्युतीकरण से सबसे अधिक प्रभाव पड़ सकता है। चार्जिंग से जुड़े ढांचे के लिए सरकार की योजनाओं में पर्याप्त आवंटन है। भारी उद्योग मंत्रालय ने इलेक्ट्रिक ट्रकों को बढ़ावा देने के लिए करीब 60 राष्ट्रीय राजमार्गों पर चार्जिंग सुविधाएं तैयार करने के लिए जगह की पहचान की है।

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First Published - June 6, 2026 | 10:21 AM IST

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