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क्रेनों के वर्गीकरण पर जीएसटी स्पष्ट किया

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Last Updated- December 11, 2022 | 3:06 PM IST

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड ने गतिशील मशीनों जैसे सभी क्रेन्स और ट्रक से जुड़े हुए क्रेन्स को मोटर वाहन और क्रेनों में वर्गीकृत करने पर स्पष्टता पेश की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे न्यायालय में मुकदमेबाजी कम होगी क्योंकि मोटर वाहन और क्रेन पर अलग-अलग सीमा शुल्क की दरें लगती हैं।
सीबीआईसी ने स्पष्ट किया कि गतिशील क्रेन्स जिनकी काम करने वाली चेसिस केवल मशीनों पर लगी होती है और यांत्रिक रूप से एकीकृत नहीं होती है उन्हें मोटर वाहन के रूप में माना जाएगा और उनपर अधिक सीमा शुल्क की दरें लगेंगी, जबकि जिनकी कार्य मशीनें विशेष रूप से चैसि के लिए डिजाइन की गई हैं वे क्रेन की श्रेणी में रहेंगी। 
मोटर वाहनों पर 10 फीसदी का मूल सीमा शुल्क लगता है, जबकि क्रेन पर 7.5 फीसदी। हालांकि दो तरह की गतिशील मशीनों पर 18 फीसदी वस्तु एवं सेवा कर की दर है। लेकिन, मोटर वाहन के कुछ हिस्सों पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है, जबकि क्रेन के सभी हिस्सों पर 18 फीसदी कर लगता है। 

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First Published - September 23, 2022 | 10:56 PM IST

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