सरकार देश के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) मानदंडों को सुगम बना सकती है। एक शीर्ष अधिकारी ने यह जानकारी देते हुए कहा कि सरकार का इरादा देश में कारोबार सुगमता की स्थिति को और बेहतर करने का है। फिलहाल अंतरिक्ष क्षेत्र में सिर्फ सरकार की अनुमति के मार्ग के जरिये ही उपग्रह स्थापना और संचालन के क्षेत्र में 100 प्रतिशत तक FDI की अनुमति है।
उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) के सचिव राजेश कुमार सिंह ने कहा कि सरकार देश के अंतरिक्ष क्षेत्र के लिए FDI नियमों को सुगम बना सकती है। सिंह ने 10-12 जनवरी, 2024 को होने वाले ‘वाइब्रेंट गुजरात शिखर सम्मेलन’ के लिए एक आयोजित एक रोड-शो को संबोधित करते हुए यह बात कही।
सरकार की नीतियों पर उन्होंने कहा कि कुछ रणनीतिक क्षेत्रों को छोड़कर भारत में कई क्षेत्रों में FDI नियमों को उदार बनाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘हमने अर्थव्यवस्था के लगभग सभी क्षेत्रों के लिए ‘ओपन स्काई’ नीति बनाए रखने का प्रयास किया है। हालांकि, उदारीकरण जारी रहेगा और हम इसे अंतरिक्ष जैसे हमारे कुछ क्षेत्रों में लाने की कोशिश भी करेंगे।’’
सचिव ने कहा कि भारत व्यापार को सुगम बनाने और लॉजिस्टिक्स तक पहुंच बेहतर करने के लिए काम कर रहा है। इन दोनों में भारत की ‘‘वैश्विक रैंकिंग बढ़ रही है।’’