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वैश्विक व्यापार में नरमी!

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Last Updated- December 11, 2022 | 2:05 PM IST

भारत से होने वाले वस्तु निर्यात को 2023 में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) ने वैश्विक व्यापार वृद्धि का अपना अनुमान 3.4 फीसदी से घटाकर 1 फीसदी कर दिया है। डब्ल्यूटीओ ने कहा कि व्यापार में गिरावट का जोखिम बढ़ रहा है। 
डब्ल्यूटीओ ने कहा कि दूसरी छमाही में वैश्विक व्यापार की गति लड़खड़ा सकती है और वैश्विक अर्थव्यवस्था में कई झटकों की वजह से 2023 में भी इसके नरम बने रहने की आशंका है। इसमें कहा गया है, ‘अगर मौजूदा अनुमान सही साबित होता है तो 2023 में व्यापार में वृद्धि धीमी लेकिन सकारात्मक बनी रह सकती है। मगर विकसित देशों में मौद्रिक नीतियों में बदलाव और रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण इस अनुमान के साथ कई अनिश्चितताएं भी जुड़ी हैं।’ 
हालांकि डब्ल्यूटीओ ने 2022 के लिए वस्तु निर्यात वृद्धि का अपना अनुमान 3 फीसदी से बढ़ाकर 3.5 फीसदी कर दिया है। डब्ल्यूटीओ की महानिदेशक एन्गोजी-आकोन्जो इवेला ने कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था की तस्वीर धुंधली है, जिससे चिंता और बढ़ गई है। 
डब्ल्यूटीओ के ताजा अनुमान के मुताबिक बाजार विनिमय दर पर वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि दर 2022 में 2.8 फीसदी और 2023 में 2.3 फीसदी होगी। हालांकि 2023 के लिए जीडीपी वृद्धि का अनुमान पहले के मुकाबले 1 फीसदी कम है।
डब्ल्यूटीओ ने कहा कि अनुमान में कई तरह के जोखिम भी हैं, जो एक दूसरे से जुड़े हैं। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘प्रमुख केंद्रीय बैंक अपने देश में ऊंची मुद्रास्फीति काबू में करने के लिए ब्याज दरों में इजाफा कर रहे हैं। लेकिन मौद्रिक नीतियों में अत्यधिक सख्ती से कुछ देशों में मंदी की आशंका गहरा रही है, जिसका सीधा असर आयात पर पड़ेगा। विकसित देशों में ऊंची ब्याज दरों की वजह से उभरते बाजारों से पूंजी निकाली जा सकती है। रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण कारोबार और ग्राहकों के आत्मविश्वास पर भी असर पड़ा है और वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के अलग होने से भी जोखिम बढ़ेगा। इससे निकट अवधि में आपूर्ति की समस्या हो सकती है और लंबी अवधि में उत्पादकता घट सकती है।’ डब्ल्यूटीओ ने आगाह किया कि गिरावट का जोखिम बढ़ा तो 2023 में वैश्विक व्यापार में 2.8 फीसदी की गिरावट आ सकती है। डब्ल्यूटीओ ने कहा, ‘अगर व्यापार में तेजी आती है तो अगले साल यह 4.6 फीसदी के उच्च स्तर तक बढ़ सकता है।’
सितंबर में भारत से वस्तुओं का निर्यात 19 महीने में पहली बार घटकर 3.5 फीसदी रहा। अलग-अलग देशों के साथ अगस्त तक किए गए निर्यात आंकड़े उपलब्ध हैं। इनके मुताबिक चीन, बांग्लादेश, हॉन्ग कॉन्ग, इटली और जापान के साथ भारत का निर्यात जुलाई-अगस्त में घटा है। अगस्त में ब्रिटेन, जर्मनी और सऊदी अरब को निर्यात में कमी आई है। वैश्विक अर्थव्यवस्था की चुनौतियों को देखते हुए वाणिज्य मंत्रालय ने बहुप्रतीक्षित विदेश व्यापार नीति लाने की योजना टाल दी और मौजूदा नीति को ही अगले छह महीने के लिए बढ़ा दिया।
 

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First Published - October 5, 2022 | 9:42 PM IST

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