facebookmetapixel
Advertisement
सोना 2,000 रुपये चढ़कर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम, चांदी 730 रुपये मजबूतStock Market: बढ़ती बॉन्ड यील्ड, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से टूटा बाजार; निफ्टी लगातार छठे दिन गिरास्वैप योजना समय से पहले बंद होने से बॉन्ड बाजार पर दबाव, 5 साल की यील्ड बढ़कर 6.46%तेल की कीमतों में तेजी से भारत पर बढ़ा बोझ, जुलाई में कच्चे तेल का आयात 13% बढ़ाEditorial: भारत को कम-कौशल प्रवासन से कुशल वैश्विक श्रमबल की ओर बढ़ना होगादलहन-तिलहन किसानों को कर्ज देने में तेजी लाएं सरकारी बैंक: निर्मला सीतारमणशहरी विकास के आगे न निकले शासन, शहरों को फिर से परिभाषित करना जरूरीभारत में विदेशी निवेशकों की राह में रोड़े डाल रहे छह मुद्दों पर तत्काल ध्यान जरूरीदालों का आयात 1.46% घटा, चना-उड़द की आवक कम; अरहर-मसूर की मांग बढ़ीदेश और दुनिया के लोग भी अब चखेंगे धारवाड़ पेड़े का स्वाद, भारत वैल्यू फंड ने लगाया ₹300 करोड़

मुक्त व्यापार समझौते से बढ़ेगा निर्यात

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:48 PM IST

मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) होने पर भारत से बांग्लादेश  को होने वाला निर्यात 5 साल में 10 अरब डॉलर और बढ़  सकता है। प्रस्तावित समग्र आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) पर दोनों देशों की ओर से संयुक्त रूप से कराए गए अध्ययन में यह सामने आया है।

संयुक्त अध्ययन की प्रति बिज़नेस स्टैंडर्ड ने देखी है। उसके मुताबिक, ‘संभावित द्विपक्षीय समझौते से भारत से बांग्लादेश को होने वाला निर्यात अगले 5 साल में 4 अरब डॉलर से लेकर 10 अरब डॉलर तक और बढ़ सकता है।’

इसी तरह से बांग्लादेश से भारत को होने वाला निर्यात अगले 10 साल में 3 अरब डॉलर से 5 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस तरह से संभावित सीईपीए से दोनों देशों के बीच वस्तुओं का कारोबार 7 अरब डॉलर से 15 अरब डॉलर तक बढ़ सकता है।’

भारत से बड़े पैमाने पर बांग्लादेश को होने वाले निर्यात में मोटर वाहन, कपास, मानव निर्मित फिलामेंट्स, एल्बुमिनॉयडल पदार्थ, इलेट्रिकल मशीनरी व उपकरण, लोहा और स्टील, बुने हुए या क्रोच्ड फैब्रिक्स, प्लास्टिक के सामान, मशीनरी और मैकेनिकल उपकरण, कागज और कागज के उत्पाद शामिल हैं। बांग्लादेश से भारत को होने वाले निर्यात में टेक्सटाइल और अपैरल, लोहे व स्टील के कंटेनर, लकड़ी के फर्नीचर, मशीनरी के पुर्जे, सादा बुना कॉटन का फैब्रिक, प्लास्टिक उत्पाद, चॉकलेट, अकार्बनिक रसायन, तैयार चमड़ा, चमड़े का बैग, फुटवीयर, प्रसंस्कृत खाद्य जैसे बिस्कुट आदि शामिल है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में दोनों पक्षों ने कहा कि शीर्ष नेताओं ने संयुक्त व्यहार्यता अध्ययन के हाल में दिए गए अंतिम प्रारूप का स्वागत किया है, जिसमें सिफारिश की गई है कि सीईपीए दोनों देशों के लिए फायदेमंद होगा। इसमें कहा गया है, ‘उन्होंने कारोबार से जुड़े अधिकारियों को निर्देश दिया है कि कैलेंडर वर्ष 2022 में ही बातचीत शुरू करें और जल्द से जल्द इस पर काम पूरा किया जाए।’बांग्लादेश इस समय न्यून विकसित देश (एलडीसी) के दर्जे से 2026 तक बाहर निकलने वाला है। इसके बाद वह उच्च शुल्क लगाए रखने का पात्र नहीं होगा। उसे मौजूदा दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (साफ्टा) प्रतिबद्धताओं के तहत भारत को शुल्क मुक्त, कोटा मुक्त बाजार तक पहुंच मुहैया करानी होगी।

संयुक्त अध्ययन में कहा गया है कि हालांकि सीईपीए से भारत के बाजार में बांग्लादेश के निर्यात को लेकर बहुत ज्यादा लाभ नहीं होगा, क्योंकि वह पहले ही शुल्क मुक्त कोटा मुक्त बाजार तक पहुंच का लाभ उठा रहा है, लेकिन इस हिसाब से बांग्लादेश के लिए एफटीए अहम होगा कि जल्द ही उसका एलडीसी का दर्जा खत्म हो रहा है। भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय कारोबार हाल के वर्षों में तेजी से बढ़ा है। 

Advertisement
First Published - September 8, 2022 | 9:41 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement