facebookmetapixel
Advertisement
इस हफ्ते कैसा रहेगा शेयर बाजार का हाल? RBI के फैसले, क्रूड ऑयल व SBI-एयरटेल के नतीजों पर टिकी नजरेंMCap: टॉप 10 में से 9 कंपनियों का मार्केट कैप ₹2.51 लाख करोड़ बढ़ा, बजाज फाइनेंस रही सबसे आगेशेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की धमाकेदार वापसी, 4 महीने की बिकवाली के बाद जुलाई में लगाए ₹20,200 करोड़दिल्ली में छाए रहेंगे बादल, 23 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट; जानें आपके इलाके का कैसा रहेगा हाल8th Pay Commission की तैयारी तेज, कर्मचारियों से सुझाव लेने कई राज्यों का करेगा दौरा; जानें पूरा प्लान5 महीने बाद खत्म होगा अमेरिका-ईरान युद्ध? ट्रंप बोले: शांति समझौते के पैरामीटर्स तय, हमले पर लगाई रोकपश्चिम एशिया में तनाव चरम पर, ईरान बोला: अमेरिका ने और हमला किया तो खाड़ी देशों के तेल ठिकाने होंगे राखHDFC Bank ने FCNR डिपॉजिट पर बढ़ाया ब्याज, RBI स्वैप स्कीम के बीच NRI निवेशकों को मिलेगा बड़ा फायदाDividend Stocks: एक शेयर पर ₹270 का मोटा डिविडेंड! IT सेक्टर की कंपनी का तोहफा, रिकॉर्ड डेट फिक्सजुलाई में UPI ने बनाया नया रिकॉर्ड, 23.66 बिलियन ट्रांजैक्शन के साथ डिजिटल पेमेंट ने भरी ऐतिहासिक उड़ान

अक्टूबर-दिसंबर में 37 प्रतिशत बढ़़ा एफडीआई

Advertisement
Last Updated- December 12, 2022 | 7:27 AM IST

अक्टूबर-दिसंबर के दौरान भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) प्रवाह 37 प्रतिशत बढ़कर 26.16 अरब डॉलर हो गया, जो पिछले साल की समान अवधि के दौरान 19.09 अरब डॉलर था। भारत में विदेशी निवेश वित्त वर्ष के शुरुआती 9 महीने के दौरान अब तक का सबसे ज्यादा रहा है और पिछले साल की तुलना में 22 प्रतिशत बढ़कर 67.54 अरब डॉलर हो गया है।

कोविड-19 के कारण अर्थव्यवस्था पर खराब असर पडऩे के बावजूद भारत में विदेशी निवेश बेहतर संकेत दे रहा है और इससे यह पता चलता है कि वैश्विक निवेशकों में भारत तरजीही निवेश केंद्र बना हुआ है।

दिसंबर के दौरान एफडीआई प्रवाह 24 प्रतिशत बढ़कर 9.22 अरब डॉलर रहा है, जो दिसंबर 2019 में 7.46 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय ने एक बयान में कहा है कि सरकार की कवायद है कि एफडीआई नीति निवेशकों के अनुकूल रहे और नीतिगत खामियां दूर की जाएं, जो निवेश की राह में बाधा बनती हैं।  

अप्रैल-दिसंबर के दौरान इक्विटी क्षेत्र में विदेशी निवेश 40 प्रतिशत बढ़कर 51.37 अरब डॉलर होगया, जो एक साल पहले 36.77 अरब डॉलर था।

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, ‘एफडीआई नीति में सुधार की दिशा में सरकार के कदमों, निवेश को सुविधा देने और कारोबार सुगमता की वजह से देश में एफडीआई प्रवाह बढ़ा है।’

Advertisement
First Published - March 4, 2021 | 11:28 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement