facebookmetapixel
Advertisement
टेलीग्राम पर सरकार का सख्त, फिल्मों-वेब सीरीज की पायरेसी रोकने के लिए दिया 15 दिन का अल्टीमेटममुफ्त शेयरों की बरसात! अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं बोनस शेयर, नोट कर लें रिकॉर्ड डेटशेयर बाजार में धमाका: अगले हफ्ते ये 2 कंपनियां दे रही हैं 1 के बदले 10 शेयर, नोट कर लें तारीख!यूपी सरकार ने FY27 के लिए तय किया ₹71,278 करोड़ का भारी-भरकम आबकारी लक्ष्य, पहले तीन महीने में रिकॉर्ड कमाईअब उत्तर प्रदेश से सीधे विदेश जाएगा आम, हॉट वेपर ट्रीटमेंट की व्यवस्था राज्य में ही करने जा रही योगी सरकारउत्तर प्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए कोल इंडिया और UPRVUNL के बीच हुआ बड़ा समझौताफार्मा कंपनियों को सरकार से बड़ी राहत, अब दवा की वास्तविक ओवरचार्जिंग पर ही होगी कार्रवाईभीषण गर्मी और लू का असर: IEX पर 32% महंगी हुई बिजली, दाम बढ़कर ₹5.2 प्रति यूनिट पर पहुंचाFY27 में निर्यात का नया रिकॉर्ड बनाने को तैयार भारत, डंपिंग पर लगेगी लगाम; बढ़ेगा घरेलू विनिर्माण: गोयलतेल कंपनियां फिर मुनाफे में, घटा राजस्व नुकसान; पर पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर क्यों है सरकार और ब्रोकरेज में रार

चालू खाते का घाटा जीडीपी का पांच प्रतिशत रहेगा: इक्रा

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 3:53 PM IST

घरेलू रेटिंग एजेंसी इक्रा के अनुसार  देश का चालू खाते का घाटा जुलाई-सितंबर की तिमाही में बढ़कर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के पांच प्रतिशत पर पहुंच जाएगा। व्यापार घाटे के लगातार बढ़ने से चालू खाते का घाटा बढ़ना तय है। अगस्त में देश का व्यापार घाटा बढ़कर 28.68 अरब डॉलर हो गया है। इसकी वजह आयात में 36.8 प्रतिशत की वृद्धि होने के साथ निर्यात में 1.2 प्रतिशत की गिरावट आना भी है। 
इक्रा रेटिंग्स ने एक रिपोर्ट में कहा कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में चालू खाते का घाटा अबतक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने के पूरे आसार हैं। इसके मुताबिक, ‘पहली तिमाही में कैड 30 अरब डॉलर रहा है लेकिन दूसरी तिमाही में यह 41-43 अरब डॉलर तक जा सकता है। यह जीडीपी का पांच प्रतिशत होगा जो वित्त वर्ष 2011-12 की तीसरी तिमाही के बाद दूसरा सर्वाधिक स्तर होगा।’ 
 दूसरी तिमाही के पहले दोनों महीनों (जुलाई-अगस्त) में मासिक औसत व्यापार घाटा 29.3 अरब डॉलर रहा है जबकि पहली तिमाही में यह औसत 23.5 अरब डॉलर रहा। घरेलू मांग बढ़ने से आयात में आई तेजी और वैश्विक स्तर पर आर्थिक गतिविधियों के नरम रहने से निर्यात सुस्त रहने से व्यापार घाटा बढ़ा है। 

इक्रा का कहना है कि चालू वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कैड के कम होकर जीडीपी के 2.7 प्रतिशत पर आने का अनुमान है।
जिंस कीमतों में कमी आने और निर्यात बढ़ने की संभावना से स्थिति सुधरेगी। हालांकि, दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में मंदी की स्थिति बनने पर दूसरी छमाही में भी माल एवं सेवाओं का निर्यात प्रभावित हो सकता है। रेटिंग एजेंसी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2022-23 में चालू खाते का घाटा 120 अरब डॉलर (जीडीपी का 3.5 प्रतिशत) के अबतक के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच सकता है जबकि वित्त वर्ष 2021-22 में यह 38.7 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.2 प्रतिशत) रहा था।

Advertisement
First Published - September 6, 2022 | 7:55 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement