facebookmetapixel
Advertisement
SBI ने AI की मदद से MSME को मंजूर किए ₹1 लाख करोड़ के लोन, जानें कैसे बदली प्रक्रियाब्रिक्स देशों में निजी निवेश बढ़ाने पर जोर, सीतारमण ने ढांचागत सुधारों को बताया जरूरीरतन टाटा के निधन के बाद बढ़े मतभेद, चंद्रशेखरन के फैसले से नए दौर की शुरुआतजुलाई में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45%, खाने-पीने की चीजों की कीमतों ने बढ़ाई चिंताजियो क्रेडिट में 49.9% हिस्सेदारी खरीदेगा बैंक ऑफ अमेरिका, ₹18,268 करोड़ का सौदाटाटा मोटर्स की पहली तिमाही मजबूत, मुनाफा 2,560 करोड़ रुपये और राजस्व 19% बढ़ाज्वैलरी बिक्री से टाइटन का प्रदर्शन मजबूत, ब्रोकरेज ने बढ़ाया कमाई का अनुमानचंद्रशेखरन के दौर में टाटा का डिजिटल से सेमीकंडक्टर तक दांव, घाटे में चल रहे कारोबार बने बड़ी चुनौतीनमक से लेकर प्रीमियम प्रोडक्ट्स तक, चंद्रशेखरन के दौर में टाटा का कंज्यूमर कारोबार मजबूतचंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा संस की गवर्नेंस पर सवाल, ट्रस्ट्स और बोर्ड के रिश्ते अहम

चालू खाते का घाटा स्थिर रहेगा: दास

Advertisement
Last Updated- December 11, 2022 | 6:23 PM IST

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गनर्वर शक्तिकांत दास ने आज कहा कि देश का चालू खाते का घाटा (सीएडी) स्थिर रहेगा और इसकी भरपाई के लिए जरूरी रकम सामान्य पूंजी आवक से ही मिल जाएगी।
अधिक व्यापार घाटे की वजह से भारत का चालू खाते का घाटा दिसंबर 2021 में समाप्त ​तीसरी तिमाही के दौरान बढ़कर 23 अरब डॉलर हो गया, जो देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.7 फीसदी था। सितंबर 2021 में समाप्त दूसरी तिमाही में सीएडी 9.9 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 फीसदी) और एक साल पहले (वित्त वर्ष 2021 की तीसरी तिमाही) में 2.2 अरब डॉलर (जीडीपी का 0.3 फीसदी) था।
दास ने सोमवार को मौद्रिक नीति समीक्षा पर अपने बयान में कहा था कि वस्तु एवं सेवा दोनों के निर्यात को लेकर कायम उम्मीद और विदेश से भेजे जाने वाले धन से चालू खाते का घाटा स्थिर रखने में मदद मिलेगी। इसके लिए रकम का इंतजाम सामान्य पूंजी आवक से किया जा सकता है। 3 जून 2022 को भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 601.1 अरब डॉलर था, जिसमें आरबीआई की अच्छी नेट फॉरवर्ड असेट्स अतिरिक्त मदद कर रही हैं।  कच्चे तेल की वैश्विक कीमतें वर्ष 2014 के बाद पहली बार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर गई हैं। ऐसे में चालू खाते का घाटा पहले के मुकाबले बढ़ने की चिंता पैदा हो गई है।
रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक चालू खाते का घाटा वित्त वर्ष 2023 में 95 से 100 अरब डॉलर (जीडीपी का 2.7 फीसदी) पर पहुंचने के आसार हैं, जो वित्त वर्ष 2022 में 41.5 से 43.5 अरब डॉलर (जीडीपी का 1.3 फीसदी) रहने का अनुमान लगाया गया है।
दास ने आज केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड के एक कार्यक्रम में अपने संबोधन के दौरान क्रिप्टोकरेंसी पर  कहा कि इसमें वित्तीय ​स्थायित्व के लिए जोखिम हैं।
सरकार में करों के भुगतान और सरकारी खरीद के लिए क्रिप्टो के इस्तेमाल पर पूछे गए सवाल के जवाब में दास ने कहा, ‘जहां तक सरकार का सवाल है, मैं जवाब नहीं दे सकता।  सरकार घोषणा कर चुकी है कि वह विमर्श पत्र लाएगी।’

सेंसेक्स में 428 अंक की तेजी
वैश्विक स्तर पर कमजोरी के रुख के बावजूद रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में लिवाली से शेयर बाजार में पिछले चार कारोबारी सत्र से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया। इसी के साथ सेंसेक्स 55,000 अंक के पार पंहुच गया। कारोबारियों के अनुसार निवेशकों ने आईटी और बैंकिंग शेयरों में हालिया बिकवाली के बाद वापसी की। रुपये में गिरावट ने बाजार की बढ़त को सीमित कर दिया। सेंसेक्स 427.79 अंक चढ़कर 55,320 पर बंद हुआ।  निफ्टी 121.85 अंक की बढ़त के साथ 16,478 पर बंद हुआ।

Advertisement
First Published - June 10, 2022 | 12:16 AM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement