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केंद्र जल्द ले सकता है समुद्री विकास योजनाओं पर फैसला, 70,000 करोड़ का पैकेज तैयार

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केंद्र जल्द 3 योजनाओं के 70,000 करोड़ रुपये के पैकेज पर निर्णय ले सकता है, जिसमें मैरिटाइम डेवलपमेंट, शिपबिल्डिंग क्लस्टर और फाइनैंशियल असिस्टेंस शामिल हैं।

Last Updated- September 24, 2025 | 7:36 AM IST
maritime development
Representative Image

भारत की समुद्री गतिविधियों और स्वदेशी शिपबिल्डिंग क्षमता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 70,000 करोड़ रुपये की पहलों की घोषणा के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल जल्द ही 3 योजनाओं के एक पैकेज पर विचार कर सकता है। इस मामले से जुड़े अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

इन प्रस्तावों में 25,000 करोड़ रुपये का मैरिटाइम डेवलपमेंट फंड (एमडीएफ), ग्रीनफील्ड शिपयार्ड के विकास, ब्राउनफील्ड शिपयार्ड और शिपबिल्डिंग पारिस्थितिकी तंत्र के विस्तार के लिए 25,000 करोड़ रुपये का शिपबिल्डिंग क्लस्टर प्रोग्राम और शिपबिल्डिंग में राज्यों को सहयोग देने के लिए 20,000 करोड़ रुपये की शिपबिल्डिंग फाइनैंशियल असिस्टेंस पॉलिसी  शामिल है।

इन सभी की घोषणा फरवरी में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने बजट भाषण में की थी। बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय प्रस्तावों पर केंद्रीय मंत्रिमंडल के साथ चर्चा कर रहा है, जिसमें कई बदलाव और नए प्रावधान शामिल हैं। इस सिलसिले में खबर छपने के लिए जाने तक जहाजरानी और जलमार्ग मंत्रालय को भेजे गए सवालों के जवाब नहीं मिले।

बिज़नेस स्टैंडर्ड ने 4 सितंबर को बताया था कि सरकार ने बॉयर डिफॉल्ट से शिपबिल्डरों को बचाने के लिए शिपबिल्डिंग पहल में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान भी जोड़ा है।

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First Published - September 24, 2025 | 7:36 AM IST

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