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फर्जी जीएसटी पंजीकरण के खिलाफ चलेगा अभियान

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Last Updated- May 05, 2023 | 11:45 PM IST
GST

कर अधिकारी फर्जी जीएसटी पंजीकरणों का पता लगाने और फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) के दावे कर अनुचित फायदा उठाने वाले धोखेबाजों की शिनाख्त के लिए दो महीने तक खास अभियान चलाएंगे। माल एवं सेवा कर (जीएसटी) के मंच पर फर्जी पंजीकरण कराने के बाद उसके आधार पर धोखेबाज फर्जी रसीदों के सहारे आईटीसी के दावे करते हैं और किसी भी तरह की सेवा या उत्पाद की आपूर्ति के बगैर ही वह राशि अपने खाते में जमा करा लेते हैं।

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर व सीमा-शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) के जीएसटी नीति प्रकोष्ठ ने कहा कि फर्जी पंजीकरण और फर्जी रसीदों जारी कर गलत ढंग से इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने की समस्या अब गंभीर हो चुकी है। इसमें बेईमान लोग संदिग्ध और जटिल लेन-देन के जरिये सरकार को राजस्व का भारी नुकसान पहुंचाते हैं। सीबीआईसी ने सूचना में कहा कि इस बारे में केंद्र एवं राज्यों के सभी कर विभाग 16 मई से 15 जुलाई तक एक विशेष अभियान चलाएंगे।

इस दौरान संदिग्ध जीएसटी खातों की पहचान करने के साथ ही फर्जी बिलों को जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) से बाहर करने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल देश भर में जीएसटी प्रणाली के तहत 1.39 करोड़ करदाता पंजीकृत हैं। इनमें से फर्जी पंजीकरणों की पहचान के लिए जीएसटीएन पर विस्तृत आंकड़ा विश्लेषण और जोखिम मानकों का सहारा लिया जाएगा।

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First Published - May 5, 2023 | 11:45 PM IST

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