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आवास वित्त कंपनियों की वृद्घि में 1 से 2 फीसदी की कमी संभव

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Last Updated- December 11, 2022 | 9:56 PM IST

कोविड-19 महामारी की तीसरी लहर के कारण चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष में आवास वित्त कंपनियों (एचएफसी) की संपत्ति की वृद्घि में 200 आधार अंकों की कमी आ सकती है। क्रिसिल रेटिंग्स के मुताबिक तीसरी लहर के जोखिम के बिना आधार मामले के तहत वित्त वर्ष 2022 और वित्त वर्ष 2023 में एचएफसी को 9 से 11 फीसदी की चक्रवृद्घि वार्षिक वृद्घि दर (सीएजीआर) से बढऩा था।
वृद्घि वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2021 के मुकाबले फिर भी अधिक रहेगी। हालांकि, यह वित्त वर्ष 2011 और 2019 के बीच दर्ज की गई 24 फीसदी की वृहत स्तरीय वृद्घि के मुकाबले धीमी रहेगी। क्रिसिल ने कहा कि उस दशक में एचएफसी की संख्या में करीब दोगुने की वृद्घि हुई थी जिसे आसानी से उपलब्ध इक्विटी और ऋण पूंजी से दम मिला था।       
इस बार वृद्घि मोटे तौर पर बेहतर ऋण प्रोफाइल वाली कंपनियों से मिलेगी। वित्त वर्ष 2019 से शुरू हुआ जैविक समेकन जारी रहेगा।
31 मार्च, 2021 के मताबिक 13.2 लाख करोड़ रुपये की कुल एचएफसी एयूएम में 71 फीसदी के साथ आवास ऋण सबसे बड़ा खंड था जिसके बाद 18 फीसदी के साथ थोक ऋण और 11 फीसदी के साथ संपत्ति के बदले (एलएपी) ऋण का स्थान था।
क्रिसिल रेटिंग्स के वरिष्ठ निदेशक और उप मुख्य रेटिंग्स अधिकारी कृष्णन सीतारमण ने कहा, ‘आवास ऋण सबसे तेजी से बढ़ता खंड होगा क्योंकि गैर आवासीय खंड जिसमें थोक और एलएपी ऋण शामिल हैं, को लेकर ऋणदाता का रुख अभी भी चयनात्मक बना हुआ है।’

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First Published - January 18, 2022 | 11:14 PM IST

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