facebookmetapixel
Advertisement
भारतीय ब्लैक टाइगर झींगे ने की रिकॉर्ड वापसी, 5 साल में 4 गुना बढ़ा निर्यात; कमाई ₹4,974 करोड़ के पारमुंबई में बारिश का कहर: 13 की मौत, ₹1,000 करोड़ से ज्यादा का आर्थिक नुकसान, जनजीवन अस्त-व्यस्तऑफिस मार्केट में रिकॉर्ड तेजी: दूसरी तिमाही में 2.46 करोड़ वर्ग फुट की सबसे अधिक लीजिंगजून में हुई गाड़ियों की रिकॉर्ड तोड़ बिक्री, 22% की भारी बढ़त के साथ बिके 25 लाख वाहनभारतीय कंपनियां AI सेक्टर में विलय-अधिग्रहण पर सतर्क हैं: आलोक शाहBEML का मेगा प्लान: R&D खर्च 150% बढ़ाया, विनिर्माण के साथ अब टेक्नोलॉजी कंपनी बनने की तैयारीइफ्को-टोक्यो की तर्ज पर देश में जल्द बनेगी सहकारी जीवन बीमा कंपनी, अमित शाह ने किया ऐलानसिटीमॉल का दांव: तेज डिलिवरी नहीं, कम कीमत से जीतेगा भारत का अगला ई-कॉमर्स बाजार16वें वित्त आयोग ने खत्म की पुरानी परंपरा, राज्यों का अलग GSDP अनुमान नहीं किया जारी; प्रदेश सरकारों की बढ़ी टेंशन‘भुला दिए जाने के अधिकार’ पर नई बहस: क्या AI भी सीखी हुई निजी जानकारी भूल सकता है?

वाइनरी में सैर-सपाटा पसंद करेंगे!

Advertisement
Last Updated- December 10, 2022 | 9:20 PM IST

विजय माल्या के स्वामित्व वाला यूनाइटेड ब्रेवरेज समूह पर्यटन उद्योग में भी प्रवेश करने जा रहा है।
समूह ने बारामती (महाराष्ट्र) स्थित ‘फोर सीजन्स’ की वाइनरी को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने का फैसला लिया है। समूह ने इसके साथ ही आगामी सितंबर से शराब के चुनिंदा बाजारों में फोर सीजन्स ब्रांड निर्यात करने की योजना बनाई है।
फोर सीजन्स अब अपने ब्रांड को फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका और आस्ट्रेलिया में पंजीकृत कराने जा रही है। यूनाइटेड स्पिरिट्स के वाइन कारोबार प्रमुख अभय केवड़कर ने बिजनेस स्टैंडर्ड को बताया, ‘बारामती स्थित हमारी वाइनरी के एक हिस्से में 14 सुसज्जित कमरे बनाए गए हैं। साथ ही मनोरंजन की सुविधाएं और पैन्ट्री का इंतजाम भी किया गया है।
उम्मीद है कि ये सुविधाएं एक साथ 700 लोगों की मोबानी के लिए पर्याप्त होगी। असल में  हम वाइन टूरिज्म के क्षेत्र में उतर रहे हैं।’ कंपनी की योजना जून 2009 तक इस वाइनरी परियोजना में 50 करोड़ रुपये निवेश करने की है। बाद में बैरल, टैंक और अंगूर के बाग लगाने के लिए कंपनी और 50 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। यूबी सूमह ने 2009-10 में 10 लाख बोतल शराब उत्पादन का लक्ष्य रखा है।
यूनाइटेड स्पिरिट्स ने जिंजी और फोर सीजन्स जैसे ब्रांडों के साथ अपना स्वदेशी पोर्टफोलियो मजबूत करने की योजना बनाई है। इसके तहत कंपनी महाराष्ट्र में अपनी वाइन परियोजना में निवेश कर रही है। कंपनी पहले ही इलाके के किसानों को अंगूर की खेती के लिए करार कर लिया है।
केवड़कर ने बताया, ‘फोर सीजन्स की 51 फीसदी हिस्सेदारी यूनाइटेड स्पिरिट्स के पास हो जाएगी। कुछ हिस्सेदारी जहां स्थानीय किसानों के पास होगी, वहीं बची हिस्सेदारी दो-तीन रणनीतिक निवेशकों के पास होगी। ये निवेशक वाइनरी के विपणन का कामकाज देखेंगे।
किसानों को उनके शेयर के बदले कितना भुगतान किया जाएगा, इस पर विचार किया जा रहा है। एक एकड़ जमीन के बदले किसानों को 500 शेयर दिए जाने की उम्मीद है। बारामती वाइनरी को चलाने के लिए करीब 3,000 एकड़ जमीन की जरूरत है।’
केवड़कर के मुताबिक, ‘अगले तीन साल में बारामती में हमारे पास करीब 400 एकड़ में फैला अंगूर का एक बाग होगा।’ कंपनी के मुताबिक, किसानों को कंपनी में हिस्सेदारी देने से परियोजना व्यावहारिक बन पाएगी।
केवड़कर ने बताया, ‘फोर सीजन्स का फ्रांस, ब्रिटेन, अमेरिका और आस्ट्रेलिया में निर्यात सितंबर से शुरू कर दिया जाएगा। हमें अनुमान है कि शुरुआत में कुल कारोबार का 10 फीसदी निर्यात से आएगा। अगले 3 से 5 साल में यह हिस्सा बढ़कर 30 फीसदी हो जाएगा। हमलोग गुणवत्ता प्रमाणपत्र के लिए आवेदन करने वाले हैं। जिन देशों में हम जाने वाले हैं वहां अपने ब्रांड का पंजीकरण कराने की भी योजना है।’

Advertisement
First Published - March 25, 2009 | 12:13 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement