facebookmetapixel
Advertisement
Stocks To Watch Today: HCL Tech से Adani तक, आज इन 9 शेयरों पर रहेगी बाजार की नजरस्काईरूट के रॉकेट विक्रम-1 के साथ अंतरिक्ष जाएगा ‘मिशन एम्ब्रेस’, कचरा हटाने वाली तकनीक का होगा सफल परीक्षणराम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस का भाजपा-संघ पर बड़ा हमला, ट्रस्ट को भंग करने की मांग कीभारत और इंडोनेशिया के बीच ऐतिहासिक रक्षा समझौता, $60 करोड़ में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल खरीदेगा जकार्ताकम गुणवत्ता वाले शेयरों का अत्यधिक मूल्यांकन है सबसे बड़ा जोखिम: विनय पहाड़ियाक्विक कॉमर्स में एमेजॉन और फ्लिपकार्ट की एंट्री से मचा हड़कंप, वितरकों ने FDI नियमों पर उठाए सवालबाजार में स्थिरता आते ही कंपनियों ने QIP से जुटाए ₹16,990 करोड़, अदाणी ग्रुप की डील से आई भारी तेजीकल्ट फिट ने आईपीओ के लिए सेबी के पास जमा किए पेपर, 950 करोड़ रुपये जुटाने की तैयारीसन फार्मा ने ऑर्गनन का 11.75 अरब डॉलर में किया अधिग्रहण, SBI समेत 11 अलग-अलग बैंकों ने दिया कर्जकनेक्टेड कारों और EVs में हैकिंग का खतरा बढ़ा, सरकार ने वाहन कंपनियों को दिया साइबर ऑडिट का निर्देश

वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (Vi) को मिली SEBI से बड़ी राहत

Advertisement

सरकार ने वीआईएल के स्पेक्ट्रम नीलामी बकाया के 36,950 करोड़ रुपये को इक्विटी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया।

Last Updated- April 03, 2025 | 8:49 PM IST
vodafone idea
प्रतीकात्मक तस्वीर

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने बृहस्पतिवार को सरकार को वोडाफोन आइडिया लिमिटेड (वीआईएल) के शेयरधारकों के लिए खुली पेशकश लाने से छूट दे दी। यह छूट वीआईएल में स्पेक्ट्रम बकाया को इक्विटी में बदलने के एवज में 34 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी के प्रस्तावित अधिग्रहण के बाद दी गई है।

सेबी के पूर्णकालिक सदस्य अश्विनी भाटिया ने अपने आदेश में कहा, “भारत सरकार द्वारा वीआईएल में शेयरधारिता का अधिग्रहण व्यापक जनहित की रक्षा के एकमात्र उद्देश्य से प्रस्तावित है।” इस परिवर्तन से कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी वर्तमान के 22.6 प्रतिशत से बढ़कर लगभग 49 प्रतिशत हो जाएगी – जिससे प्रमुख दूरसंचार सेवा प्रदाता वीआईएल अपने ग्राहक आधार को सेवा प्रदान करना जारी रख सकेगी तथा भारत में दूरसंचार पहुंच बढ़ा सकेगी।

यह छूट देते हुए सेबी ने कहा कि फिलहाल भारत सरकार का वीआईएल के प्रबंधन या बोर्ड में भाग लेने का कोई इरादा नहीं है और दूरसंचार कंपनी के नियंत्रण में कोई बदलाव नहीं होगा। इसके अलावा, ऐसी होल्डिंग को सार्वजनिक शेयरधारिता के रूप में वर्गीकृत किया जाएगा। पिछले महीने, सरकार ने संकटग्रस्त दूरसंचार कंपनी को एक जीवनरेखा प्रदान करते हुए सितंबर, 2021 के दूरसंचार सुधार पैकेज के प्रावधानों के तहत वीआईएल के स्पेक्ट्रम नीलामी बकाया के 36,950 करोड़ रुपये को इक्विटी में परिवर्तित करने का निर्णय लिया।

सामान्य तौर पर भारत सरकार की शेयरधारिता को बढ़ाकर 48.99 प्रतिशत करने से अधिग्रहण नियमों के तहत खुली पेशकश की बाध्यता उत्पन्न हो जाएगी, लेकिन नियामक ने सरकार को इससे छूट प्रदान की है। नियमों के तहत, किसी सूचीबद्ध कंपनी में 25 प्रतिशत या उससे अधिक हिस्सेदारी हासिल करने वाली संस्थाओं को शेयरधारकों के लिए एक खुली पेशकश करनी होती है।

अपने आदेश में, नियामक ने उल्लेख किया कि वीआईएल द्वारा सरकार को एक बड़ी राशि का भुगतान किया जाना है, जो कंपनी की वित्तीय स्थिति पर संभावित बोझ डाल सकता है। इसके अलावा, भारत सरकार की ओर से एक खुली पेशकश की बाध्यता में नकदी की बड़ी मात्रा में निकासी शामिल है।

(एजेंसी इनपुट के साथ) 

 

Advertisement
First Published - April 3, 2025 | 8:49 PM IST

संबंधित पोस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement