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रवा के लिए एकमात्र बोलीदाता वेदांत

Last Updated- December 15, 2022 | 1:56 AM IST

अनिल अग्रवाल के नेतृत्व वाली वेदांत लिमिटेड भारत के पूर्वी तट में कृष्णा-गोदावरी इलाके में स्थित रवा ऑयल एवं गैस क्षेत्र में वीडियोकॉन की 25 प्रतिशत हिस्सेदारी के लिए एकमात्र बोलीदाता है।
वीडियोकॉन रवा के लिए चलाई गई अलग बोली प्रक्रिया के साथ राष्ट्रीय कंपनी विधि पंचाट (एनसीएलटी) में दिवालिया प्रक्रिया से गुजर रही है। वेदांत की अपनी केयर्न तेल एवं गैस वर्टिकल के जरिये इस क्षेत्र में 22.5 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इसमें अन्य भागीदारों में 40 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ तेल एवं प्राकृतिक गैस निगम (ओएनजीसी) और 12.5 प्रतिशत के साथ रवा ऑयल शामिल है।
40 सबसे बड़े डिफॉल्टरों की आरबीआई की सूची में शामिल वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज पर पिछले साल तक करीब 19,506 करोड़ रुपये का कर्ज था। एक अधिकारी ने कहा कि ब्याज समेत बैंकों का कुल बकाया अब बढ़कर करीब 30,000 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।
वेदांत संबंधित कंपनी और अमेरिका स्थित एट कैपिटल समेत कम से कम 11 कंपनियों ने वीडियोकॉन इंडस्ट्रीज के लिए दिलचस्पी दिखाई है। इस घटनाक्रम से जुड़े एक अधिकारी ने कहा, ‘रवा ब्लॉक के लिए, वेदांत एकमात्र बोलीदाता है।’ अदालत का निर्देश समेकित आधार पर इसके समाधान के लिए था। 15 अक्टूबर तक, बोलीदाताओं का चयन हो सकता है और कंपनी तथा परिसपंत्ति दोनों की समेकन प्रक्रिया दिसंबर तक पूरी हो सकती है। एसबीआई के नेतृत्व में ऋणदाताओं के कंसोर्टियम में देश के लगभग सभी प्रमुख सार्वजनिक तथा प्राइवेट बैंक शामिल हैं।
वर्ष 2019-20 के दौरान रवा ब्लॉक से औसत उत्पादन 14,232 बैरल तेल प्रतिदिन था, जबकि 2020-21 की पहली तिमाही में यह बढ़कर 22,037 बैरल प्रतिदिन पर पहुंच गया। वेदांत यदि रवा ब्लॉक को हासिल करने में सफल रहती है तो परिसंपत्तियों में उसकी हिस्सेदारी बढ़कर 47.5 प्रतिशत हो जाएगी और इससे परिचालन दक्षता में भी सुधार आएगा। इस घटनाक्रम से अवगत इस उद्योग के एक सूत्र ने कहा, ‘इससे उत्पादन बढ़ाने और कंपनी के लिए ऊंची राजस्व भागीदारी में भी मदद मिलेगी।’
पिछले साल नवंबर में, केयर्न ऑयल ऐंड गैस को रवा क्षेत्र के लिए 10 वर्षीय अनुबंध विस्तार मिला था। ताजा विस्तार के साथ, रवा का उत्पादन साझा अनुबंध अक्टूबर 2029 तक वैध रहेगा। संयुक्त उपक्रम भागीदारों द्वारा तैयार की गई योजना के अनुसार, इस अनुबंध विस्तार से उन्हें कम से कम 1.3 करोड़ बैरल तेल की रिकवरी में मदद मिलेगी। कंपनियां संशोधित क्षेत्र की विकास योजना के तहत इस क्षेत्र में करीब 550 करोड़ रुपये निवेश की भी योजना बना रही हैं।
यदि वेदांत को वीडियोकॉन हिस्सेदारी हासिल करने में सफलता मिल जाती है तो इन योजनाओं की रफ्तार में तेजी आने की संभावना है। इस क्षेत्र में ओएनजीसी द्वारा 1987 में खोज कार्य किया गया था और इस क्षेत्र से पहली बार तेल मार्च 1993 में उत्पादित किया गया था। अक्टूबर 1994 में, 25 वर्षीय उत्पादन साझा अनुबंध पर सरकार के साथ हस्ताक्षर किए गए थे।

First Published - September 15, 2020 | 12:28 AM IST

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