बजाज फाइनैंस के लिए सामान्य हो रहे हैं हालात

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 10, 2022 | 2:12 AM IST

बजाज फाइनैंस द्वारा दिसंबर तिमाही के लिए दर्ज शुरुआती आंकड़े काफी उत्साहजनक दिख रहे हैं। 22 लाख नए ग्राहक (तिमाही आधार पर करीब 80 प्रतिशत वृद्घि) और 60 लाख  नए ऋण खाते (तिमाही आधार पर 84 प्रतिशत वृद्घि) देश की सबसे बड़ी उपभोक्ता फाइनैंसर के लिए शुभ संकेत हैं। राजस्व और शुद्घ लाभ वृद्घि के संदर्भ में तीन त्योहारों – दशहरा, दीवाली और क्रिसमस की मदद से उम्मीद से बेहतर त्योहारी सीजन की मांग (सिर्फ दो साल पहले की तुलना में) और तीसरी तिमाही के बेहतर नतीजों के साथ बजाज फाइनैंस के वित्तीय आंकड़े अनुमान से ज्यादा रह सकते हैं। फिर भी, बजाज फाइनैंस का शेयर मंगलवार को 1.54 प्रतिशत नीचे आ गया था, क्योंकिइस शेयर में ज्यादातर सुधार पहले ही आ चुका है और यह इस साल के शुरू में 5,372.50 रुपये की सर्वाधिक ऊंचाई पर पहुंच गया था।
इसमें कोई संदेह नहीं है कि तीसरी तिमाही के प्रदर्शन से ऋणदाता के लिए मजबूत वापसी का संकेत मिलता है, लेकिन इसकी आशंका अभी भी बनी हुई है कि कंपनी इस आधार पर सतर्क है कि ग्राहक विश्वास भी पूरी तरह हासिल करना बाकी है।नई ग्राहक वृद्घि में तेजी के बावजूद, प्रबंधन अधीन परिसंपत्तियां (एयूएम), जो ऋणों, अग्रिमों और निवेश का योग है, में तिमाही आधार पर सिर्फ 4.8 प्रतिशत का इजाफा हुआ। सालाना आधार पर, यह आंकड़ा करीब एक प्रतिशत कमजोर रहा, जिससे प्रति ग्राहक बकाया ऋण में संभावित कमी का संकेत मिलता है। तिमाही के दौरान जोड़े गए नए ऋण खातों की संख्या सालाना आधार पर 21 प्रतिशत तक घटी है, जबकि नई ग्राहक वृद्घि में सिर्फ 10.6 प्रतिशत तक की कमी आई है। इसके अलावा तीसरी तिमाही में जुडे नए ऋण खाते वित्त वर्ष 2020 के औसत तिमाही आंकड़े 68.6 करोड़ के मुकाबले 12.5 प्रतिशत कम हैं जिससे संकेत मिलता है कि ऋणदाता और ग्राहक दोनों ही सतर्कता बरत रहे हैं। हालांकि यह आसानी से कहा जा सकता है कि बुरा समय पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है और इसका असर बजाज फाइनैंस के तीसरी तिमाही के आंकड़ों में नजर आ रहा है।
मॉर्गन स्टैनली के विश्लेषकों के अनुसार, एयूएम और वितरण गतिविधि उम्मीद से कुछ कम रही और संभावना है कि तीसरी तिमाही में संभावित बट्टेखाते की कोशिश एयूएम वृद्घि में बदलाव ला सकती है। क्रॉस-सेलिंग प्रतिशत भी तीसरी तिमाही में घटकर 63 रह गया, जो 65-68 प्रतिशत के दायरे से कम है। चाहे इसकी वजह मोरेटोरेयिम हो या क्रेडिट स्कोर में बदलाव की, यह बाद में पता चलेगा।
चौथी तिमाही ऐतिहासिक रूप से कमजोर अवधि रहने से, कंपनी का ध्यान तीसरी तिमाही की परिसंपत्ति गुणवत्ता पर ज्यादा केंद्रित रहेगा। भले ही मोरेटोरियम के तहत उसका बहीखाता छोटा (दूसरी तिमाही में 3 प्रतिशत से कम) है, लेकिन पहली तिमाही का परिणाम बगैर किसी दबाव से जुड़े होने की वजह से बैलेंस शीट स्पष्ट तस्वीर पेश कर सकती है। यदि दबाव वाकई नियंत्रित हुआ है, जैसा कि मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों द्वारा अनुमान जताया गया है, तो यह निवेशकों के लिए कुछ हद तक अच्छी खबर है। हालांकि मूल्यांकन वित्त वर्ष 2021 की अनुमानित बुक के 9गुना की सर्वाधिक ऊंचाई पर होने की वजह से रेटिंग में बदलाव की संभावना नहीं दिख रही है।

First Published : January 6, 2021 | 9:14 PM IST