बीएस बातचीत
दौलत कैपिटल के प्रमुख (इक्विटीज) अमित खुराना का कहना है कि अपने मौजूदा स्तर पर बाजार उचित कीमत पर है और उसकी कीमत अधिक नहीं है। खुराना ने समी मोडक से बातचीत में कहा कि बाजार में किसी भी गिरावट के समय खरीदारी का अवसर पैदा हो सकता है। पेश हैं मुख्य अंश:
नवंबर में शेयर बाजार की तेजी की मुख्य तौर पर किससे संचालित थी?
नवंबर में बेंचमार्क सूचकांकों में 11 फीसदी से अधिक की बढ़त दर्ज की गई जिसे मुख्य तौर पर विदेशी निवेशकों के रिकॉर्ड निवेश प्रवाह से बल मिला। उसे अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के स्पष्ट होने के साथ-साथ एमएससीआई में नए सिरे से संतुलन स्थापित होने से भी मदद मिली। भारत इसका एक प्रमुख लाभार्थी रहा है। नकदी प्रवाह आधारित तेजी भी डॉलर में कमजोरी की अपेक्षाओं पर टिकी रही। प्राइस टु अर्निंग (पी/ई) के पारंपरिक पैमाने पर बाजार उचित कीमत पर दिख रहा है और कीमत अधिक नहीं है। लेकिन यदि हम अगले कुछ वर्षों के आय अनुमानों के लिहाज से गौर करते हैं तो हमें लंबे समय बाद उल्लेखनीय वृद्धि दिख रही है।
अगले वित्त वर्ष के लिए आपकी क्या अपेक्षाएं हैं?
हमारा नजरिया काफी सकारात्मक है। हमारा मानना है कि आय में वृद्धि एक ऐसा प्रमुख कारक है जो धारणा को रफ्तार देगी। जबकि कमजोर आधार के कारण आय वृद्धि काफी अधिक दिखेगी। हालांकि यदि हम इसे सामान्य कर लेते हैं तो हम लार्जकैप और मिडकैप के लिए उच्च वृद्धि की उम्मीद कर सकते हैं। जबकि स्मॉलकैप के लिए यह 20 फीसदी से अधिक होगी क्योंकि उस पर कम ब्याज दर का असर दिखेगा। कॉरपोरेट बहीखाते काफी बेहतर स्थिति में हैं, विशेषकर लार्जकैप और मिडकैप शेयरों के लिए। दूसरा, अब ऐसी पहल भी की गई है जो उभरते बाजारों के बीच भारत में निवेश के पक्ष में है।
वित्त वर्ष 2021, 2022 और 2023 के लिए आय में वृद्धि के अनुमान क्या हैं? सूचकांक के लिए आपका क्या लक्ष्य है?
पिछले वित्त वर्ष के मुकाबले राजकोषीय वृद्धि स्थिर रहेगी। वित्त वर्ष 2022 में कमजोर आधार के कारण हम 40 फीसदी ससे अधिक वृद्धि की उम्मीद करते हैं। उसके बाद के वर्ष के लिए हम आय में 22 फीसदी की वृद्धि की उम्मीद करते हैं। हमने दिसंबर 2021 के लिए निफ्टी का लक्ष्य 14,500 अंकों का रखा है। इस स्तर पर सूचकांक वित्त वर्ष 2023 के अपने आय अनुमान के मुकाबले 20 गुना स्तर पर कारोबार करेगा।
बाजार में निकट भविष्य के जोखिम के बारे में आप क्या कहेंगे?
थोड़े समय में काफी रकम आ चुकी है और कुछ शेयरों में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई है। इनमें से कुछ ही शेयरों के आय अनुमान ही उचित हैं। हालांकि मध्यावधि में आय अनुमान के मुताबिक रह सकती है लेकिन तिमाही आय में उतार-चढ़ाव से शेयर में तेज गिरावट आ सकती है। ऐसे में हमारा मानना है कि बाजार में इसे प्रोत्साहित नहीं करेगा।
मूल्य बनाम वृद्धि पर चर्चा को आप किस तरह देखते हैं?
हम एक इक्विटी वर्ग के तौर पर भारत में वृद्धि वाले शेयरों में निवेश करना पसंद करेंगे। सार्वजनिक उपक्रमों के अलावा इसमें बहुत अधिक नाम नहीं है जो मूल्य श्रेणी में गिरावट दर्ज करेंगे। विनिवेश आधारित तेजी की उम्मीद में इन शेयरों के पक्ष में मजबूत धारणा बन रही है। हालांकि अभी हम आश्वस्त नहीं हैं कि यह ढांचागत होने जा रहा है अथवा रणनीतिक।