बीएस बातचीत
ट्रू बेकन और जीरोधा के सह-संस्थापक एवं सीआईओ निखिल कामत का कहना है कि बड़ी कंपनियां संकट के समय में अनिश्चितताओं से मुकाबला करने में ज्यादा सक्षम होंगी। ऐश्ली कुटिन्हो के साथ साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि खुदरा निवेशक अक्सर गिरावट से पहले बाजार में प्रवेश करते हैं, लेकिन यह समय अलग हो सकता है। पेश हैं उनसे हुई बातचीत के मुख्य अंश:
पिछले कुछ सप्ताहों में बाजार में खुदरा कारोबार में इजाफा हुआ है। इस बारे में आपकी क्या प्रतिक्रिया है?
पिछले पांच महीनों में खुदरा निवेश काफी बढ़ा है और इसके लिए कई कारक जिम्मेदार माने जा सकते हैं। ब्याज दर में गिरावट और रियल एस्टेट पर स्थिर प्रतिफल महत्वपूर्ण कारक हैं जिन्होंने इस बदलाव को बढ़ावा दिया है। हमारी करीब 6 प्रतिशत आबादी की परोक्ष या अपरोक्ष तौर पर शेयर बाजारों तक पहुंच हासिल है, हमें पश्चिमी दुनिया में अपने प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करनेे के लिए लंबा रास्ता तय करना होगा।
लगता है कि अर्थव्यवस्था में शुरुआती सुधार की उम्मीद में बाजार बुनियादी तथ्यों से आगे निकल गया है। क्या बाजार में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है?
निवेश कोविड-19 संकट के बारे में व्यावहारिक हो रहे हैं और महामारी के बाद की दुनिया का अंदाजा लगाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसमें लोगों को उद्योग की जरूरत है। इस धारणा के साथ साथ अत्यधिक तरलता से भी बाजारों में तेजी आ सकती है। हमारा मानना है कि बाजारों में कुछ तेजी आई है और बेहद संक्षिप्त अवधि में कुछ हद तक मंदी का रुझान बना हुआ है।
मिड-कैप और स्मॉल-कैप क्षेत्र पर आपका क्या नजरिया है?
प्रतिस्पर्धी बढ़त वाली बड़ी कंपनियां संकट के समय में अनिश्चितता का मुकाबला करने में बेहतर तौर पर संक्षम हो सकती हैं। हम छोटी कंपनियों में निवेश से बचते हैं, क्योंकि प्रशासन, अनुपालन हमारे लिए बड़ी प्राथमिकता है, और ज्यादातर बड़ी कंपनियों के साथ इस तरह की चिंता कम रहती है।
कुछ अन्य ब्रोकरों के साथ साथ जीरोधा को इस साल शुरू में कुछ नुकसान का सामना करना पड़ा था, जब कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई थी। आपका अनुभव कैसा रहा?
जिंस कारोबार की अनुमति देने वाले कई ब्रोकरों को नुकसान उठाना पड़ा, सौभाग्य की बात यह है कि जीरोधा के पास ऐसा मॉडल है जिसमें हमारे पास कुछ बड़े ग्राहकों के बजाय कई छोटे ग्राहक हैं। इससे जोखिम घटा है और जीरोधा निवेशकों के लिए एक सुरक्षित विकल्प बन गया है। सभी एक्सचेंजों और ब्रोकरों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अपने सिस्टम अपडेट किए हैं कि हम भविष्य में इस हालात के लिए बेहतर रूप से तैयार हैं।
इस साल, खासकर मार्च के बाद से आए उतार-चढ़ाव को देखते हुए, कारोबारियों के लिए कमाई करना कितना आसान या कठिन हो गया है?
गति से संबंधित रणनीतियों ने अच्छा काम किया है और इस अवधि में बाजार ने लगातार सीमाएं पार की हैं। ट्रेडिंग मूविंग एवरेज क्रॉसओवर जैसे दृष्टिकोण ने इस मोर्चे पर अच्छा काम किया है। बढ़ती अनिश्चितता के समय में, एक सख्त जोखिम प्रबंधन प्रणाली पर अमल करना ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। मैं खुदरा निवेशकों को एसएमएस टिप्स के आधार पर कारोबार से बचने, या चवन्नी शेयरों में कारोबार से परहेज करने की सलाह देना चाहूंगा।
मौजूदा समय में ब्रोकिंग उद्योग में प्रौद्योगिकी का कितना योगदान है?
मौजूदा समय में प्रौद्योगिकी बेहद महत्वपूर्ण निर्धारक बन गई है। आगामी ब्रोकर शायद प्रौद्योगिकी कंपनियां होंगी।
एआईएफ में आपकी पेशकश ट्रू बेकन वन ने 300 करोड़ रुपये से ज्यादा आकर्षित किए हैं। क्या आप आगामी योजनाओं के बारे में कुछ जानकारी दे सकते हैं?
ट्रू बेकन वन एक विशेष कैट-3 एआईएफ है जो 1 करोड़ रुपये की न्यूनतम नियामकीय निवेश सीमा को देखते हुए एचएनआई और यूएचएनआई की जरूरतें पूरी करता है। यह फंड ग्राहक-अनुकूल होने, शून्य अग्रिम प्रबंधन शुल्क, एंट्री या एक्जिट लोड नहीं वसूलने के लिए जाना जाता है। हम वित्त वर्ष के अंत में या ग्राहक द्वारा बिकवाली किए जाते वक्त सिर्फ 10 प्रतिशत का प्रदर्शन शुल्क वसूलते हैं। यह एक ऐसा हाइब्रिड फंड है जो अपनी पूंजी का करीब 65 प्रतिशत दीर्घावधि इक्विटी और 35 प्रतिशत लॉन्ग-शॉर्ट डेरिवेटिव रणनीतियों में निवेश करता है। सितंबर 2019 में फंड की स्थापना के बाद से हम मौजूदा समय में निफ्टी50 सूचकांक को करीब 27 प्रतिशत के अंतर से मात दे रहे हैं।