देश के गैर-कार्बोनेट पेय बाजार में उतरने को लेकर टाटा टी बहुत उत्साहित है।
टाटा टी की कार्यकारी निदेशक संगीता तलवार के मुताबिक, ‘उनकी कंपनी के लिए यह ऐतिहासिक समय है। ऐसे कई कारण हैं जिसके चलते वह खुद और उनके सहयोगी इतने उत्साहित हैं।’
पहली वजह यह कि पिछले शुक्रवार को कंपनी ने ‘टी! ऑन’ नामक ब्रांड (चाय और फल का ठंडा पेय) लॉन्च किया। इसके जरिए 30-40 फीसदी की दर से तरक्की कर रहे 4,000 करोड़ रुपये के गैर-कार्बोनेट ब्रेवरेज बाजार में कंपनी ने दस्तक दे दी। कार्बोनेट पेय की तुलना में विकास की यह दर बहुत ज्यादा है।
कार्बोनेट पेय का बाजार फिलहाल 10-12 फीसदी की दर से ही बढ़ रहा है। दूसरी वजह, अमेरिका के इनर्जी ब्रांड में कंपनी की हिस्सेदारी में हुए नुकसान की भरपाई के लिए कंपनी ने कदम उठाए हैं। इससे दुनिया भर में 5 अरब डॉलर के हेल्थ ब्रेवरेज कारोबार में कंपनी की स्थिति मजबूत हो सकती है।
टाटा टी का टेटली नामक ब्रांड पहले से ही ब्रिटेन और कनाडा में शीर्ष पर है। तीसरी चीज कि टाटा टी अभी जिस ब्रांडेड चाय कारोबार में है, उसकी तुलना में ब्रेवरेज का कारोबारी आकार तकरीबन दोगुना है।