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टाटा स्टील: दमदार आय से बदला परिदृश्य

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:23 PM IST

एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने टाटा स्टील के लिए परिदृश्य को संशोधित करते हुए ‘स्थिर’ कर दिया है। रेटिंग एजेंसी ने यह बदलाव इस उम्मीद में की है कि अगले 18 महीनों के दौरान कंपनी की आय बेहतर होगी। आय में सुधार होने से कंपनी की प्रमुख वित्तीय पैमाने में भी सुधार होगा जो मौजूदा रेटिंग के लिए बिल्कुल उपयुक्त है। स्थिर परिदृश्य का मतलब परियोजनाओं में कोई खास वृद्धि नहीं अथवा उस अवधि के दौरान परिसंपत्तियों की बिक्री की संभावना हो सकती है।
एसऐंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, ‘हमारा मानना है कि कंपनी अगले 12 से 18 महीनों के दौरान ठोस आय बरकरार रखेगी और वित्त वर्ष 2021 की दूसरी तिमाही के दौरान उसमें दोबारा पलटाव दिखेगा। इससे इस्पात कीमतों में नरमी आएगी और इनपुट लागत कम होगा।’
लघु अवधि में अधिकतर इस्पात कंपनियों की लाभप्रदता को संचालित करने वाला एक प्रमुख कारक कोकिंग कोल की कीमतों में भारी गिरावट भी है। सालाना आधार पर इसकी कीमत करीब 30 फीसदी घट चुकी है। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हम उम्मीद करते हैं कि अगली दो तिमाहियों के दौरान इसमें नरमी बनी रहेगी।’ रिपोर्ट में कहा गया है, ‘हमारा मानना है कि टाटा स्टील के भारतीय परिचालन के लिए इस्पात की घरेलू कीमतें वित्त वर्ष 2021 की दूसरी छमाही में अपेक्षाकृत अधिक होंगी। जबकि अक्टूबर 2020 में कीमत में करीब 3,000 रुपये प्रति टन का इजाफा पहले ही हो चुका है। यूरोपीय परिचालन में नरमी भी पहले के अनुमान से कहीं कम है। इसे मुख्य तौर पर लागत घटाने के उपायों और वेतन के लिए सरकारी सहायता (2020 की पहली छमाही में करीब 10 करोड़ पाउंड प्राप्त हुए) से मदद मिली।’ संशोधित आधार के अनुसार, टाटा स्टील के परिचालन आय  बनाम ऋण अनुपात में वित्त वर्ष 2022 में करीब 12 फीसदी की वृद्धि होगी जबकि पिछले अनुमान में इसे करीब 6 फीसदी रखा गया था। ऋण बनाम एबिटा अनुपात भी मार्च 2022 में घटकर 5 गुना से नीचे आ सकता है जो मार्च 2020 में 6.7 गुना था।  

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First Published - December 9, 2020 | 11:46 PM IST

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