टाटा की फर्में 2021 में रहीं समकक्ष कंपनियों से आगे

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 12, 2022 | 12:10 AM IST

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) का समूह के बाजार पूंजीकरण (एम-कैप) में योगदान घटकर एक दशक के निचले स्तर 58.2 प्रतिशत पर आ गया है। टाटा स्टील, टाटा मोटर्स और टाटा पावर जैसी समूह की अन्य प्रमुख कंपनियों के शेयर की कीमतों में तीव्र उछाल की वजह से ऐसा हुआ है। टीसीएस ने दिसंबर 2020 के अंत में समूह के बाजार पूंजीकरण में 67 प्रतिशत का योगदान किया था और मार्च 2020 के अंत में रिकॉर्ड 75 प्रतिशत का योगदान किया था।
टीसीएस को छोड़कर सूचीबद्ध टाटा कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण मौजूदा कैलेंडर वर्ष में 102 प्रतिशत अधिक है, जबकि टीसीएस का बाजार पूंजीकरण 26 बढ़ा है। बेंचमार्क बीएसई सेंसेक्स में 28 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले पूरे समूह का बाजार पूंजीकरण इस साल अब तक 49 प्रतिशत बढ़ा है।
गुरुवार को इन टाटा कंपनियों का संयुक्त बाजार पूंजीकरण 23.08 लाख करोड़ रुपये था, जो दिसंबर 2020 के अंत में 15.57 लाख करोड़ रुपये और मार्च 2020 के
अंत में 9.19 लाख करोड़ रुपये से ऊपर है।
टीसीएस और टाटा कम्युनिकेशन के अलावा टाटा कंपनियों ने उद्योग की अपनी समकक्ष कंपनियों से बेहतर प्रदर्शन किया है। बीएसई सूचना प्रौद्योगिकी सूचकांक में 44.5 प्रतिशत की छलांग के मुकाबले मध्य आकार की टाटा एलेक्सी इस साल अब तक शेयर मूल्य में 241 प्रतिशत की तेजी के साथ इस चार्ट में सबसे ऊपर रही है।
इसके बावजूद टीसीएस समूह की लाभप्रदता का संचालन जारी रखे हुए है और टाटा संस की खातिर अच्छी-खासी अवधि के लिए लाभांश का एकमात्र सबसे बड़ा स्रोत बने रहने की संभावना है। वित्त वर्ष 22 की पहली तिमाही में टीसीएस ने समूह के संयुक्त शुद्ध लाभ में लगभग 64 प्रतिशत का योगदान किया है। वित्त वर्ष 21 में टीसीएस के बिना समूह की कंपनियोंंं ने संयुक्त आधार पर शुद्ध घाटा दर्ज कर लिया होता।
समूह की बड़े आकार वाली कंपनियों में टाटा पावर बेहतर प्रदर्शन करने वाली सबसे बड़ी कंपनी रही है, जिसने बीएसई पावर इंडेक्स में 70 प्रतिशत की वृद्धि के मुकाबले इस साल अब तक 194 प्रतिशत की उछाल दर्ज की है। कंपनी ने गुरुवार का कारोबार 71,000 करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ बंद किया, जो पिछले साल दिसंबर के अंत में तकरीबन 24,200 करोड़ रुपये के कारोबार से काफी अधिक है।
वैश्विक वाहन विनिर्माता टाटा मोटर्स बेहतर प्रदर्शन करने वाली एक और बड़ी कंपनी रही है। बीएसई ऑटो इंडेक्स में मात्र 27 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले इसने अपने शेयर की कीमतों में इस साल अब तक 170 प्रतिशत का इजाफा देखा है। कंपनी ने गुरुवार का कारोबार 1.9 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण के साथ बंद किया (अपने डीवीआर शेयर समेत), जो दिसंबर 2020 के अंत में 1.14 लाख करोड़ रुपये के बाजार पूंजीकरण से अधिक है।
दूसरी ओर टाटा स्टील ने इस साल अब तक 113 प्रतिशत की तेजी दर्ज की है, जबकि बीएसई मेटल्स में 85 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।
वर्ष 2021 में अपने शेयरों के दामों और बाजार पूंजीकरण में तीव्र वृद्धि देखने वाली समूह की अन्य कंपनियों में शामिल हैं – टाइटन कंपनी (बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल में 52 प्रतिशत उछाल के मुकाबले 64 प्रतिशत की तेजी), टाटा केमिकल्स (बीएसई मैटेरियल्स में 74 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले इस साल अब तक 127 प्रतिशत की तेजी), वोल्टास (बीएसई कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 52 प्रतिशत की उछाल के मुकाबले इस साल अब तक 60 प्रतिशत की तेजी), ट्रेंट (निफ्टी कंजम्प्शन में 28 प्रतिशत की तेजी के मुकाबले इस साल अब तक 68 प्रतिशत की तेजी) और टाटा कंज्यूमर (बीएसई एफएमसीजी में 21 प्रतिशत की उछाल के मुकाबले 44 प्रतिशत का इजाफा)।
विश्लेषकों के अनुसार निवेशक अगले कुछेक वर्षों के दौरान समूह की प्रमुख कंपनियों के राजस्व और आय में उल्लेखनीय सुधार पर दांव लगा रहे हैं। नार्नोलिया सिक्योरिटीज के सीआईओ शैलेंद्र कुमार कहते हैं ‘इस बात की उम्मीद है कि टाटा मोटर्स, टाटा केमिकल्स और टाटा पावर जैसी कंपनियां देश में उभरते इलेक्ट्रिक वाहनों के पारिस्थितिकी तंत्र के विभिन्न घटकों में अपने निवेश से बड़ा लाभ कमाएंगी। पिछले कुछ महीनों में बिजली दरों में वृद्धि के कारण टाटा पावर को अपने मुंद्रा बिजली संयंत्र में तेज बदलाव से भी फायदा हुआ है।’ टाटा कंपनियों की संभावनाओं के संबंध में निवेशकों का आशावान नजरिया उनके शेयर मूल्यांकन में नजर आता है।

First Published : October 18, 2021 | 10:54 PM IST