सरकार ने सुजलॉन एनर्जी लिमिटेड को राइट इश्यू जारी करने के लिए मंजूरी दे दी है। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 1800 करोड़ रुपये के राइट इश्यू को यह मंजूरी प्रदान की है।
भारत की सबसे बड़ी पवन चक्की बनाने वाली कंपनी सुजलॉन ने जर्मनी की कंपनी आरई-पावर सिस्टम्स एजी में अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने के लिए धन की व्यवस्था करने के लिए सरकार से राइट इश्यू जारी करने की अनुमति मांगी थी।
अहमदाबाद की इस कंपनी ने दो महीने पहले भी बाजार से राशि जुटाने की योजना बनाई थी, लेकिन दुनिया भर के बाजारों में वैश्विक आर्थिक मंदी के बाद 27 अक्टूबर को कंपनी ने अपने इस ऑफर को सही समय आने तक के लिए टाल दिया था।
कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि सीसीईए की मंजूरी का मतलब यह नहीं है कि वह राइट इश्यू को पुन: खोलेगी। एक अधिकारी ने कहा, ‘राइट इश्यू अभी भी बंद है और यह बंद रहेगा।’
आरई पावर सिस्टम्स में 22.4 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने के लिए नए भुगतान की अवधि के तहत इस महीने मार्टिफर एसजीपीएस एसए को 8.9 करोड़ डॉलर चुकाने की योजना बनाई। मार्टिफर ने सितंबर में कहा था कि भारतीय कंपनी शुरू में पूरी रकम 15 दिसंबर तक चुकाने को राजी हो गई है।
सुजलॉन समूह में कई उतार-चढाव के मद्देनजर बंबई स्टॉक एक्सचेंज में इस साल सुजलॉन के शेयर में 97 फीसदी की गिरावट देखने को मिली।
सीसीईए की मंजूरी से विदेशी निवेशकों को कंपनी के राइट इश्यू में खरीदारी का मौका मिलेगा। 600 करोड़ रुपये से अधिक के विदेशी पूंजी प्रवाह के लिए सरकारी अनुमति की जरूरत है।
समिति की बैठक के बाद गृह मंत्री पी चिदंबरम ने संवाददाताओं को बताया कि सुजलॉन को यह मंजूरी विदेश् निवेश संवर्धन बोर्ड की सिफारिशों में व्यक्त शर्तों पर निर्भर करेगी।
उन्होंने बताया कि राइट इश्यू मौजूदा शेयरधारकों और विदेश में रहने वाले भारतीयों के लिए होगा और यह राशि 1800 करोड़ रुपये से अधिक नहीं होगी।