किशोर बियाणी का फ्यूचर समूह, मुकेश अंबानी की रिलायंस रिटेल, वीडियोकॉन, वाधवन ग्रुप जैसे भारतीय रिटेलर कैश ऐंड कैरी को प्राथमिकता दे रहे हैं, लेकिन वाल मार्ट और कार्फू जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां अभी तक इसका परिचालन शुरू नहीं कर पाई हैं।
शुरू में लगा था कि कैश ऐंड कैरी परिचालन में काफी अवसर हैं और इसे भुनाने के लिए भारतीय कंपनियां छोटे रिटेलरों, रेस्टोरेंट और किराना वालों को यह सेवा देने में जुट गईं, लेकिन अब पीछे हट रही हैं।
बियाणी द्वारा प्रवर्तित देश की सबसे बड़ी रिटेलर पैंटालून ने इसी तर्ज पर केबीज होलसेल मार्केट की शुरुआत उत्तर प्रदेश के मथुरा और पश्चिम बंगाल के वर्द्धमान से की और मार्च 2008 तक इसमें 400 करोड़ रुपये का निवेश किया है। इसकी सफलता की इच्छा रखते हुए कंपनी ने गुजरात, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भी इस तरह की पहल की और मौजूदा थोक परिचालन में विस्तार किया।
रिलायंस इंडस्ट्रीज की इकाई रिलायंस रिटेल ने भी बी टू बी तर्ज पर मार्च 2008 में थोक परिचालन की योजना बनाई थी। हालांकि कंपनी की यह योजना ठंडे बस्ते में चली गई और कैश ऐंड कैरी या थोक परिचालन शुरू नहीं हो सका। कंपनी की ओर से परिचालन का जिम्मा हर्ष बहादुर ने उठाया था, लेकिन उसके कंपनी छोड़ने के बाद सब कुछ धरा का धरा रह गया।
पैंटालून रिटेल के प्रबंध निदेशक किशोर बियाणी ने कहा, ‘अब हमलोग कैश ऐंड कैरी नहीं कर रहे हैं। हमलोगों ने यह महसूस किया कि यह उपयुक्त नहीं है।’ हालांकि इस पर विस्तार से कुछ बताने के लिए वे तैयार नहीं हुए।
रिलायंस रिटेल के प्रवक्ता ने कहा, ‘रिलायंस अभी भी रेंजर फार्म की तर्ज पर कारोबार चला रही है। इसके तहत खरीदारों की संख्या भी काफी है। हमलोग अभी कैश ऐंड कैरी कारोबार पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं। हालांकि हमारे मौजूदा फॉरमेट में ज्यादा मात्रा में खरीदारी देने वाले को थोक मूल्य के हिसाब से ही भुगतान करना पड़ेगा और वे सारी सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी, जो थोक मूल्य के तहत दी जाती है।’
वीडियोकॉन के एक अधिकारी ने कहा कि कंपनी ने कैश ऐंड कैरी कारोबार को 6 से 9 महीने के लिए टाल दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब भारतीय रिटेलरों को कैश ऐंड कैरी कारोबार में कड़वा अनुभव मिल चुका है, तो वाल मार्ट, कार्फू,, टेस्को इत्यादि कंपनियां इसका स्वाद चखने में काफी सावधानी बरत रही है।
फिलहाल जर्मनी मेट्रो बेंगलुरु, हैदराबाद, कोलकाता और मुंबई में पांच स्टोर चला रही है, जिसे 2003 में स्थापित किया गया था। हालांकि वाल मार्ट ने 2009 के शुरुआत में ही कैश ऐंड कैरी को स्थगित कर दिया था। कार्फू 2009 में नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई में इसे शुरू करने की योजना बना रही है।