दफ्तरों की बिक्री भी मंदी की चपेट में

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 08, 2022 | 1:01 AM IST

सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में फैल रही मंदी का नतीजा यह निकला है कि वित्त वर्ष 2008 की दूसरी तिमाही में दफ्तरों के लिए जगह की मांग भी कम हो गई है।


ग्लोबल रियल एस्टेट सलाहकार कंपनी सीबी रिचर्ड एलिस की एक रिपोर्ट के अनुसार मांग में कमी किसी खास शहर में ही नहीं, बल्कि देश के सभी शहरों में देखने को मिली है।

इस रिपोर्ट के अनुसार कई कॉर्पोरेट कंपनियां खास तौर पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और उससे जुड़े हुए क्षेत्रों ने अपनी विस्तार परियोजनाओं को रद्द कर दिया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि दफ्तरों की जगह की बिक्री में एक और सुराख क्षेत्र के पास पैसों की अनुपलब्धता ने किया है।

दुनियाभर की अर्थव्यवस्था में हाल ही में फैला वित्तीय संकट का आगे दफ्तरों की बिक्री के विकास पर नजर आएगा, क्योंकि सीबी रिचर्ड एलिस की रिपोर्ट के मुताबिक सभी प्रमुख ग्राहक अपने-अपने कारोबारों में मुनाफे में कमी से जूझ रहे हैं।

सीबी रिचर्ड एलिस के प्रबंध निदेशक अंशुमन मैगजीन का कहना है, ‘वैश्विक आर्थिक मंदीने दफ्तरों के बाजार पर पड़ने वाले असर के पहले ही संकेत देना शुरू कर दिया है। 2008 की तीसरी तिमाही में देश भर में दफ्तरों के लिए जगह की बिक्री में कुछ गिरावट देखी जाएगी। दफ्तरों की किरायों पर भी कड़ी नजर रखे जाने की पूरी उम्मीद है।’

रिपोर्ट में कहा गया है कि दूसरी तिमाही के दौरान बने हुए भवनों के साथ मांग में कमी ने दफ्तरों की जगह की कीमतें में सभी शहरों में कमी लाना शुरू कर दिया है।

First Published : October 21, 2008 | 11:54 PM IST