वित्त मंत्रालय ने भारतीय बीमा कंपनियां (विदेशी निवेश) संशोधन नियम, 2021 अधिसूचित कर दिया है। इसके मुताबिक 49 प्रतिशत से ज्यादा विदेशी मालिकाना वाली कंपनियों को 180 प्रतिशत सॉल्वेंसी मार्जिन बरकरार रखना होगा, जब वे वित्त वर्ष में लाभांश भुगतान की घोषणा करेंगी। सरकार ने जारी किए गए मसौदा नियमों पर 15 अप्रैल तक लोगों से प्रतिक्रिया मांगी थी और अब भारतीय बीमा कंपनियां (विदेशी निवेश) नियम, 2015 में संशोधन के बाद नियमों को अधिसूचित कर दिया है।
अधिसूचित नियमों के मुताबिक 51 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी वाली बीमा कंपनियां अगर अपने हिस्सेदारों को लाभांश के रूप में मुनाफे का बंटवारा करती हैं, लेकिन 180 प्रतिशत मॉर्जिन जरूरतों को पूरा नहीं कर पाती हैं तो उन्हें जनरल रिजर्व में शुद्ध लाभ का 50 प्रतिशत अलग रखना होगा। इस तरह की बीमा कंपनियों को अपने 50 प्रतिशत निदेशकों को स्वतंत्र निदेशक के रूप में रखना होगा, जबतक कि इसके बोर्ड का चेयरपर्सन एक न हो। ऐसे मामले में कम से कम उसके बोर्ड के कम से कम एक तिहाई सदस्य स्वतंतत्र निदेशकों के होने चाहिए।