रिलायंस इंडस्ट्रीज (आरआईएल) ने सोमवार को अपनी 45वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में अगले चरण की वृद्धि एवं विस्तार योजनाओं के घोषणा की। दूरसंचार, ऑयल-टु-केमिकल (ओ2सी), और ग्रीन एनर्जी व्यवसाय में नए निवेश से आरआईएल के बाजार दबदबे को मजबूती मिलेगी, लेकिन कंपनी की बड़ी निवेश योजना ने नेटवर्थ पर प्रतिफल (आरओएनडब्ल्यू) और नियोजित पूंजी पर प्रतिफल (आरओसीई) में कमजोरी आने की आशंका बढ़ा दी है। इन प्रतिफल पर पहले से ही दबाव बना हुआ था। इससे आरआईएल की शेयर कीमत और बाजार पूंजीकरण पर भी दबाव पड़ेगा।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2022 में समेकित आधार पर पूंजी पर प्रतिफल 9.17 प्रतिशत दर्ज किया, जो 2020-21 के 8.42 प्रतिशत से ज्यादा है, लेकिन 2016-17 के 12 प्रतिशत से कम है। पिछले 15 साल में, आरआईएल का आरओएनडब्ल्यू औसत तौर पर 12.5 प्रतिशत रहा है। इसी तरह, कंपनी का आरओसीई समेकित आधार पर पिछले वित्त वर्ष में बढ़कर 9.36 प्रतिशत हो गया, जो एक साल पहले 7.8 प्रतिशत था, लेकिन 10.9 प्रतिशत के 15 वर्षीय औसत अनुपात से नीचे बना रहा।
वित्त वर्ष 2022 में आरआईएल के मुनाफा अनुपात में सुधार उसकी बैलेंस शीट के मुकाबले काफी हद तक उसकी आय में तेज सुधार की वजह से संभव हुआ था। वित्त वर्ष 2022 में कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ सालाना आधार पर 23.6 प्रतिशत बढ़कर 60,705 करोड़ रुपये रहा, जो एक साल पहले 49,128 करोड़ रुपये था।
तुलनात्मक तौर पर, उसका समेकित नेटवर्थ या शेयरधारक इक्विटी सालाना आधार पर 11.3 प्रतिशत तक बढ़कर 7.8 लाख करोड़ रुपये रहा, जबकि उसकी नियोजित पूंजी वित्त वर्ष 2022 के अंत में 11.7 प्रतिशत तक बढ़कर 11.13 लाख करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो एक साल पहले 9.97 लाख करोड़ रुपये थी। ऐतिहासिक तौर पर, कंपनी की बैलेंस शीट उसकी आय के मुकाबले लगातार तेज गति से बढ़ी है। समेकित आधार पर आरआईएल की नेटवर्थ पांच साल में तीन गुनी हो गई और यह जहां वित्त वर्ष 2017 के अंत में 2.63 लाख करोड़ रुपये थी, वहीं इस साल मार्च के अंत में 7.8 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई। इसी तरह, उसकी नियोजित पूंजी समान अवधि के दौरान 126.4 प्रतिशत तक बढ़कर 4.92 लाख करोड़ रुपये से 2022-23 के अंत में 11.13 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई।
इसके विपरीत, आरआईएल का सालाना समेकित शुद्ध लाभ इस अवधि के दौरान दोगुना हो गया और यह वित्त वर्ष 2017 के 29,091 करोड़ रुपये से बढ़कर वित्त वर्ष 2022 में 60,705 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कई विश्लेषकों को इस सिलसिले में बदलाव आने की आशंका है, क्योंकि कंपनी ने अपने मौजूदा व्यवसायों में बड़ा निवेश किया है और सौर विद्युत और हाइड्रोजन जैसे नए ऊर्जा स्रोतों पर अधिक जोर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनैंशियल सर्विसेज के विश्लेषकों ने लिखा है, ‘इस निवेश से दो-तीन वर्षों के दौरान, बड़े तकनीकी नवाचार और महत्वाकांक्षी विकास लक्ष्यों के साथ वृद्धि का अगला इंजन तैयार हो सकता है। लेकिन इससे अल्पावधि में मौजूदा एक अंक का प्रतिफल अनुपात प्रभावित हो सकता है।’
45वीं सालाना आम बैठक (एजीएम) में मुकेश अंबानी ने अगले साल के अंत तक पूरे देश में 5जी मोबाइल नेटवर्क लगाने पर 2 लाख करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की थी। इसके अलावा उन्होंने कई अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।