भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने गुरुवार को बिल भुगतान की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, भागीदारी बढ़ाने और ग्राहक सुरक्षा तय करने के लिए संशोधित मानदंड जारी किए।
केंद्रीय बैंक ने संशोधित ‘भारतीय रिजर्व बैंक (भारत बिल भुगतान प्रणाली) दिशानिर्देश, 2024’ जारी किया है। भुगतान व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के मद्देनजर मौजूदा नियमों को तर्कसंगत बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है। आरबीआई ने कहा ‘ये दिशानिर्देश बिल भुगतान की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने, भागीदारी बढ़ाने और बदलावों के बीच ग्राहक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए लाए गए हैं।’
ये दिशानिर्देश 1 अप्रैल, 2024 से बैंकों, एनपीसीआई भारत बिलपे लिमिटेड और अन्य गैर-बैंक भुगतान प्रणालियों पर लागू होंगे। भारत बिल भुगतान प्रणाली (बीबीपीएस) एक एकीकृत बिल भुगतान मंच है, जो यूपीआई, इंटरनेट बैंकिंग, कार्ड, नकद और प्रीपेड भुगतान साधनों का उपयोग करके कई माध्यमों से बिलों का भुगतान करने में सक्षम बनाता है। इन माध्यमों में मोबाइल ऐप, मोबाइल बैंकिंग, जमाकर्ता एजेंट और बैंक शाखाएं शामिल हैं।