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अमेरिका में आईटी कंपनियों को राहत

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Last Updated- December 14, 2022 | 8:38 PM IST

अमेरिका में कारोबार करने वाली वैश्विक कंपनियों के लिए यह एक बड़ी राहत की खबर है। बुधवार को कैलिफोर्निया के एक संघीय न्यायाधीश ने ट्रम्प प्रशासन के दो हालिया नियमों को खारिज कर दिया। इन नियमों के तहत कुशल विदेशी नागरिकों को जारी किए जाने वाले वीजा की संख्या में भारी कटौती की गई थी। इस फैसले से निर्यात केंद्रित भारतीय आईटी सेवा उद्योग को काफी फायदा होने की उम्मीद है। ये कंपनियां अमेरिका में भारत सहित अन्य देशों से आने वाले कुशल कार्यबल पर काफी निर्भर हैं। इसके अलावा इस फैसले से उन स्थानीय अमेरिकी कंपनियों को भी फायदा होगा जो वैश्विक तकनीकी कार्यबल पर काफी निर्भर हैं।बीएस
तूतीकोरिन संयंत्र पर वेदांत की याचिका खारिज
सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को प्रमुख कंपनी वेदांत लिमिटेड की उस अंतरिम याचिका को खारिज कर दिया जिसके तहत कंपनी ने तमिलनाडु के तूतीकोरिन में अपनी स्टरलाइट कॉपर इकाई का निरीक्षण करने की अनुमति मांगी थी। यह संयंत्र प्रदूषण संबंधी चिंताओं के कारण मई 2018 से ही बंद है। कंपनी प्रदूषण स्तर का आकलन करने के लिए चार सप्ताह तक इसके परिचालन के लिए अनुमति मांगी थी। वेदांत ने तीन महीने के लिए इस संयंत्र को सौंपने की मांग करते हुए कहा कि संयंत्र को चालू करने के लिए दो महीने की आवश्यकता है। वेदांत की अंतरिम याचिका पर तमिलनाडु सरकार ने  आपत्ति जताई थी। एजेंसियां
फ्लिपकार्ट के खिलाफ होगी जांच
सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को नैशनल कंपनी लॉ अपील ट्रिब्यूनल (एनसीएलएटी) के 4 मार्च के उस आदेश को बरकरा रखा है जिसके तहत बाजार में अपने वर्चस्व का दुरुपयोग करने के लिए प्रमुख ई-कॉमर्स कंपनी फ्लिपकार्ट के खिलाफ भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा जांच शुरू करने के लिए कहा गया था। मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और जस्टिस एएस बोपन्ना और वी रामसुब्रमण्यम के पीठ का शुरू में मानना था कि 4 मार्च के आदेश को अलग रखते हुए मामले को एनसीएलएटी के पास वापस भेजना चाहिए ताकि सभी पहलुओं पर गौर किया जा सके। लेकिन बाद में ट्रिब्यूनल के फैसले को खारिज कर दिया गया। एजेंसियां
व्यक्तिगत गारंटी मामले में सुनवाई आज
सर्वोच्च न्यायालय ने गुरुवार को दिवालिया मामलों में व्यक्तिगत गारंटी से संबंधित आईबीसी के प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देते हुए 19 याचिकाओं पर सुनवाई कर सकता है। सर्वोच्च न्यायालय ने 29 अक्टूबर 2020 को अंतिम सुनवाई के तहत इससे संबंधित विभिन्न उच्च न्यायालयों के समक्ष लंबित सभी याचिकाओं को अपने पास स्थानांतरित कर लिया था। बैंकों द्वारा जिन व्यक्तिगत गारंटी को लागू किया गया है उनमें 1,200 करोड़ रुपये में एडीए समूह के अध्यक्ष अनिल अंबानी शामिल हैं। व्यक्तिगत गारंटी का सामना करने वाले अन्य प्रवर्तकों में भूषण पावर ऐंड स्टील के संजय सिंघल, पुंज लॉयड के संस्थापक अतुल पुंज आदि शामिल हैं। बीएस

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First Published - December 2, 2020 | 11:23 PM IST

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