स्पाइसजेट और बोइंग में सुलह

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बीएस संवाददाता
Last Updated- December 11, 2022 | 11:28 PM IST

प्रमुख विमानन कंपनी स्पाइसजेट को ठप पड़े बोइंग 737 मैक्स विमान से संबंधित दावों के निपटान के तहत नकदी के अलावा रखरखाव सुविधा एवं दो मालवाहक विमान मिलेंगे। सूत्रों ने यह जानकारी देते हुए कहा कि इस मामले को निपटाने के लिए दोनों पक्षों के बीच सहमति बन गई है।
स्पाइसजेट के बेड़े में 13 बोइंग 737 मैक्स विमान हैं और इन विमानों का परिचालन 2019 में इथोपिया एवं इंडोनेशिया में विमान दुर्घटना के बाद से ही बंद है। इस प्रकार ठप पड़े विमानों के लिए स्पाइसजेट के दावों को लेकर दोनों पक्षों के बीच चर्चा होने के बाद आज एक समझौते की घोषणा की गई है।
स्पाइसजेट और बोइंग के बीच समझौता होने से भारत में इन विमानों का परिचालन दोबारा शुरू करने का मार्ग प्रशस्त होगा। बोइंग द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाने के बाद अगस्त में नागरिक उड्डयन महानिदेशालय ने बोइंग 737 मैक्स विमानों का परिचालन दोबारा शुरू करने की अनुमति दी थी।
एयरलाइन ने स्टॉक एक्सचेंज को भेजी सूचना में कहा है, ‘बोइंग ने 737 मैक्स विमान परिचालन बंद करने से संबंधित बकाया के दावे निपटाने और उसे सेवा में लौटाने के लिए सहमति जताई है। इससे किफायती और नए मैक्स विमान को स्पाइसजेट के बेड़े में शामिल करने का रास्ता साफ हुआ है और हमारे 155 मैक्स विमानों के ऑर्डर से नए एयरक्राफ्ट डिलिवरी पुन: सुनिश्चित हुई है।’
बोइंग ने कहा, ‘हम एक ऐसे समझौते पर पहुंचने के लिए उत्साहित हैं जिससे 737 मैक्स विमान को लेकर स्पाइसजेट की प्रतिबद्घता की पुन: पुष्टि हुई है। हम स्पाइसजेट के लिए अपनी प्रतिबद्घताओं के आधार पर डिलिवरी की उम्मीद कर रहे हैं।’
हालांकि इन दोनों कंपनियों ने विवाद निपटान के संबंध में बिजनेस स्टैंडर्ड द्वारा पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दिया है। हालांकि सूत्रों का कहना है कि यह विवाद निपटान प्रक्रिया एयरलाइन के लिए सकारात्मक है और बोइंग से नकदी की सहायता से कंपनी को वित्तीय चुनौतियों का सामना करने में मदद मिलेगी।
स्पाइसजेट वित्त वर्ष 2020 और वित्त वर्ष 2021 में अमेरिकी विमान निर्माता से विमानों के परिचालन बंद होने से करीब 1,200 करोड़ रुपये की राशि पहले ही हासिल कर चुकी है।

First Published : November 17, 2021 | 11:39 PM IST