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Q4 preview: मौसम की अंगड़ाई के बीच कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के लिए मुश्किल तिमाही, क्या रहेगा असर?

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जिस समय कंपनियां गर्मी के सीजन के लिए तैयारी कर रही थीं, उसी वक्त मौसम ने खेल बिगाड़ दिया

Last Updated- April 15, 2026 | 2:50 PM IST
Consumer Durables

कंज्यूमर ड्यूरेबल कंपनियों के लिए इस बार चौथी तिमाही किसी झटके से कम नहीं रही। एक तरफ वेस्ट एशिया में बढ़ता भू-राजनीतिक तनाव, दूसरी तरफ मार्च में हुई बेमौसम बारिश ने पूरे बाजार का गणित बिगाड़ दिया। नतीजा यह हुआ कि कंपनियों की बिक्री पर सीधा असर पड़ा, खासकर एयर कंडीशनर बनाने वाली कंपनियां सबसे ज्यादा प्रभावित हुईं।

जिस समय कंपनियां गर्मी के सीजन के लिए तैयारी कर रही थीं, उसी वक्त मौसम ने खेल बिगाड़ दिया। उत्तर भारत में बेमौसम बारिश और दक्षिण भारत में गर्मी की देरी ने एसी, कूलर और पंखों की मांग को धीमा कर दिया। आमतौर पर यही समय होता है जब कंपनियां तेज बिक्री की उम्मीद करती हैं, लेकिन इस बार बाजार उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पाया।

बढ़ती लागत ने बढ़ाई कंपनियों की परेशानी

सिर्फ मांग ही नहीं, लागत का दबाव भी कंपनियों के लिए बड़ा सिरदर्द बन गया। कॉपर जैसे कच्चे माल की कीमतों में उछाल और नई ऊर्जा एफिसिएंसी रेटिंग लागू होने से प्रोडक्ट बनाने की लागत बढ़ गई। कंपनियों ने दाम बढ़ाकर इस दबाव को कम करने की कोशिश की, लेकिन पूरी तरह राहत नहीं मिल सकी। इसका मतलब साफ है कि आगे और कीमतें बढ़ सकती हैं।

जहां एक तरफ कूलिंग प्रोडक्ट्स कमजोर पड़े, वहीं दूसरी तरफ कुछ सेगमेंट ने बाजार को सहारा दिया। टीवी की मांग में तेजी की उम्मीद है, क्योंकि टी20 वर्ल्ड कप जैसे बड़े इवेंट ने उपभोक्ताओं को आकर्षित किया। वहीं गैस की कमी के चलते लोग इंडक्शन कुकटॉप की तरफ बढ़ रहे हैं, जिससे किचन अप्लायंसेज की बिक्री मजबूत बनी हुई है। वॉशिंग मशीन, फ्रिज और वॉटर प्यूरीफायर जैसे प्रोडक्ट्स भी ठीक-ठाक प्रदर्शन करते नजर आ रहे हैं।

कमाई बढ़ेगी, लेकिन मुनाफा दबाव में

तस्वीर का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि कंपनियों की कुल कमाई बढ़ने की उम्मीद है, लेकिन मुनाफा घट सकता है। अनुमान है कि सेक्टर की आय करीब 7 प्रतिशत बढ़ेगी, लेकिन बढ़ती लागत के कारण ऑपरेटिंग प्रॉफिट में गिरावट आएगी और शुद्ध मुनाफा और ज्यादा दबाव में रहेगा। यानी कंपनियां ज्यादा बेचेंगी, लेकिन कम कमाएंगी।

जनवरी और फरवरी तक एसी की बिक्री ठीक चल रही थी और कंपनियां राहत महसूस कर रही थीं। लेकिन मार्च आते ही तस्वीर पलट गई। बेमौसम बारिश ने मांग को अचानक गिरा दिया और पूरे तिमाही का संतुलन बिगाड़ दिया। यह गिरावट कंपनियों के लिए बड़ा झटका साबित हुई।

कंपनियों के बीच अलग-अलग कहानी

इस मुश्किल दौर में भी हर कंपनी की स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ कंपनियां हल्की बढ़त दिखा सकती हैं, जबकि कुछ को गिरावट का सामना करना पड़ सकता है। बाजार में यह असमान प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि प्रतिस्पर्धा और भी तेज होने वाली है।

आने वाले महीनों में मांग बढ़ने की उम्मीद जरूर है, लेकिन चुनौतियां खत्म नहीं हुई हैं। कच्चे माल की महंगी कीमतें और रुपये की कमजोरी कंपनियों के मुनाफे पर दबाव बनाए रखेंगी। यानी यह लड़ाई अब सिर्फ बिक्री की नहीं, बल्कि मुनाफे को बचाने की भी है।

कंपनी का नाम शुद्ध बिक्री Q4FY25 Q3FY26 Q4FY26E QoQ % YoY % शुद्ध मुनाफा (PAT) Q4FY25 Q3FY26 Q4FY26E QoQ % YoY %
डिक्सन टेक्नोलॉजीज 10,293 10,672 11,448 7.3 11.2 400 287 204 -28.9 -48.9
हैवेल्स इंडिया 6,544 5,588 7,293 30.5 11.5 518 301 525 74.5 1.4
वोल्टास 4,728 3,053 5,182 69.7 9.6 241 85 278 227.2 15.3
ब्लू स्टार 4,019 2,925 4,367 49.3 8.7 194 41 190 361.2 -1.8
एम्बर एंटरप्राइजेज 3,754 2,943 4,157 41.3 10.8 116 45 139 209.6 19.8

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First Published - April 15, 2026 | 2:50 PM IST

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