मंदी की मार एक के बाद एक वाहन कंपनियों को बेहाल कर रही है। एक दिन पहले उसने मारुति के मुनाफे में सेंध लगाई, तो आज देश की सबसे बड़ी वाहन निर्माता कंपनी टाटा मोटर्स को घाटे का दर्द ही दे दिया।
टाटा मोटर्स को चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में भारी घाटा उठाना पड़ा है। 31 दिसंबर को समाप्त हुई चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी को 263 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
इस घाटे में 227 करोड़ रुपये का विदेशी मुद्रा का नुकसान भी शामिल है। पिछले वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी ने 499 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। कंपनी की कुल बिक्री में भी नकदी की किल्लत की वजह से इस दौरान काफी कमी आई है।
पिछले साल समान अवधि में कंपनी ने जहां 7,252 करोड़ रुपये की कुल बिक्री की थी वहीं चालू वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही में कंपनी केवल 4,759 करोड़ रुपये की बिक्री ही कर पाई।
कंपनी ने भी इसके लिए मंदी, कच्चे माल की बढ़ती लागत और कर्ज नहीं मिलने को बड़ी वजह बताया है।
कंपनी ने कहा है कि बाजार में कर्ज उपलब्ध नहीं होने और मांग में एकदम कमी आ जाने की वजह से उसे नुकसान हुआ। टाटा मोटर्स ट्रक और बस बनाने वाली दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी कंपनी है।
कंपनी ने पिछले साल ही फोर्ड मोटर से जगुआर और लैंडरोवर ब्रांड खरीदे थे। इसके लिए कंपनी ने कुल 9,200 करोड़ रुपये का सौदा किया था।